आयुष्मान भारत कार्ड
उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। अब प्रदेश के सभी 13 कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों को मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। फिलहाल केवल प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल में ही यह सुविधा चल रही है, लेकिन जल्द ही शेष 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों को भी योजना से जोड़ा जाएगा। इसके लिए स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA – साचीज) और कैंटोनमेंट बोर्ड के बीच MOU (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) साइन होने वाला है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। अब तक कैंटोनमेंट अस्पतालों में यह सुविधा सीमित थी, क्योंकि अधिकांश अस्पताल केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन आते हैं। लेकिन अब यूपी सरकार और कैंटोनमेंट बोर्ड के बीच बातचीत पूरी हो चुकी है और MOU पर हस्ताक्षर की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।
प्रयागराज में पहले से चल रही है सुविधा
प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल में पिछले कुछ महीनों से आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज हो रहा है। यहां सामान्य बीमारियों से लेकर सर्जरी तक की सुविधा उपलब्ध है। अब इसी मॉडल को अन्य कैंटोनमेंट अस्पतालों में लागू किया जाएगा। प्रदेश में कुल 13 कैंटोनमेंट बोर्ड संचालित अस्पताल हैं, जिनमें शामिल हैं:
- प्रयागराज
- आगरा
- मेरठ
- लखनऊ
- कानपुर
- बरेली
- मुरादाबाद
- फैजाबाद (अयोध्या)
- झांसी
- गोरखपुर
- वाराणसी
- सहारनपुर
- देवरिया
इन सभी अस्पतालों में जल्द ही आयुष्मान योजना लागू हो जाएगी। इससे लाखों लाभार्थियों को निजी अस्पतालों के बजाय कैंटोनमेंट अस्पतालों में बेहतर और मुफ्त इलाज मिल सकेगा।
MOU साइन होने के बाद क्या होगा?
MOU साइन होते ही कैंटोनमेंट अस्पताल आयुष्मान भारत के पैनल में शामिल हो जाएंगे। अस्पतालों को योजना के तहत पैकेज रेट्स के अनुसार भुगतान मिलेगा। इससे अस्पतालों को भी आर्थिक मजबूती मिलेगी और वे अपनी सुविधाओं का विस्तार कर सकेंगे। SHA के अधिकारियों ने बताया कि MOU की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और कुछ दिनों में सभी अस्पतालों को सूचित कर दिया जाएगा।
लाभार्थियों के लिए फायदे
- 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
- कैंटोनमेंट अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर और बेहतर सुविधाएं
- निजी अस्पतालों की तुलना में कम भीड़
- छोटे शहरों और कस्बों में रहने वाले लाभार्थियों को नजदीकी इलाज
यह फैसला उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। विशेषकर उन परिवारों के लिए राहत होगी जो कैंटोनमेंट क्षेत्रों के आसपास रहते हैं और पहले निजी अस्पतालों पर निर्भर थे।
कब तक लागू होगी सुविधा?
अधिकारियों के अनुसार MOU साइन होने के बाद 1-2 महीने में सभी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से इलाज शुरू हो जाएगा। लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने नजदीकी कैंटोनमेंट अस्पताल से संपर्क बनाए रखें और आयुष्मान कार्ड की वैलिडिटी चेक करते रहें।
यह खबर उन लाखों परिवारों के लिए खुशी की है जो आयुष्मान योजना के तहत इलाज की तलाश में हैं।
यूपी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को हर स्तर पर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।