UP MLC Election 2026: यूपी विधान परिषद की 11 सीटों पर मतदान, 14.81 लाख मतदाता करेंगे वोट

उत्तर प्रदेश MLC चुनाव 2026: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जा रहा है। इस चुनाव में प्रदेश के करीब 14.81 लाख पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव में पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जा रहा है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।

11 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस निर्वाचन में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 सीटों पर प्रतिनिधि चुने जाने हैं। चुनाव में कुल 152 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित है। मतदाताओं की सुविधा और चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रदेश में 2,697 मतदान स्थल बनाए गए हैं। मतदान के बाद मतपेटियों को निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुरक्षित रखा जाएगा।

कितने मतदाता करेंगे मतदान?

इस चुनाव में कुल 14,81,310 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता शामिल हैं। दोनों वर्गों के लिए अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों के आधार पर मतदान कराया जा रहा है।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत पात्र मतदाता अपने क्षेत्र के उम्मीदवारों को चुनेंगे। इसी तरह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में संबंधित मतदाता अपने प्रतिनिधि के चयन के लिए वोट डालेंगे। निर्वाचन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।

किन निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहा है मतदान?

विधान परिषद चुनाव के अंतर्गत पांच खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र हैं:

  • लखनऊ खंड स्नातक
  • वाराणसी खंड स्नातक
  • आगरा खंड स्नातक
  • मेरठ खंड स्नातक
  • इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक

वहीं, छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं।

इन निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले निर्धारित जिलों में मतदान कराया जा रहा है। प्रत्येक क्षेत्र में मतदाता सूची में दर्ज पात्र मतदाता ही वोट डाल सकेंगे।

बैलेट पेपर से होगा मतदान, ऐसे दर्ज करनी होगी प्राथमिकता

विधान परिषद के इन चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय मतपत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस चुनाव में उम्मीदवारों के प्रति अपनी पसंद दर्ज करने की विशेष प्रक्रिया अपनाई जाती है।

मतदाता को अपने पसंदीदा उम्मीदवार के सामने प्राथमिकता के क्रम में अंक लिखना होता है। पहली पसंद के उम्मीदवार के सामने अंक 1 दर्ज करना अनिवार्य है। इसके बाद मतदाता अपनी पसंद के अनुसार अन्य उम्मीदवारों को अगली प्राथमिकताएं दे सकता है।

मतपत्र पर निशान लगाने के लिए मतदान केंद्र पर उपलब्ध कराया गया बैंगनी रंग का स्केच पेन इस्तेमाल करना होगा। मतदाता अपनी ओर से लाए गए पेन का उपयोग नहीं कर सकेंगे। मतपत्र भरते समय निर्धारित निर्देशों का पालन करना जरूरी है, ताकि वोट की वैधता प्रभावित न हो।

वोटर कार्ड नहीं है तो कौन से दस्तावेज होंगे मान्य?

मतदान के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र साथ रखना उचित है। यदि किसी मतदाता के पास यह पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है, तो निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों के माध्यम से पहचान प्रमाणित की जा सकती है।

मान्य विकल्पों में आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट और निर्धारित सरकारी सेवा पहचान पत्र शामिल हो सकते हैं। संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के लिए स्वीकार्य शैक्षणिक पहचान पत्र, मूल डिग्री या डिप्लोमा प्रमाणपत्र तथा निर्धारित दिव्यांगता पहचान दस्तावेज भी लागू नियमों के अनुसार मान्य हो सकते हैं।

मतदान केंद्र जाने से पहले मतदाताओं को अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार दस्तावेज की पात्रता सुनिश्चित कर लेनी चाहिए।

निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

चुनाव को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था की गई है। निर्वाचन प्रक्रिया की निगरानी के लिए 11 प्रेक्षक तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 1,041 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 456 जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।

मतदान केंद्रों पर माइक्रो ऑब्जर्वर और वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी की गई है। चुनाव संचालन के लिए 12,309 मतदान कार्मिकों के साथ भारी और हल्के वाहनों की व्यवस्था की गई है। इन इंतजामों का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित रखना और किसी भी गड़बड़ी की आशंका को कम करना है।

मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार सामग्री, पोस्टर, झंडे, लाउडस्पीकर और

अनधिकृत गतिविधियों पर निर्धारित प्रतिबंध लागू रहेंगे। मतदाताओं और

राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को निर्वाचन संबंधी निर्देशों का पालन करना होगा।

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर भी नजर

गोरखपुर और आसपास के जिलों के लिए गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र महत्वपूर्ण है।

इस क्षेत्र में निर्धारित 17 जिलों के पात्र शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए 200 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और कुल 54,910 मतदाता पंजीकृत बताए गए हैं।

मतदान के दौरान संबंधित जिलों में निर्धारित

सुरक्षा व्यवस्था के बीच शिक्षक मतदाता अपने प्रतिनिधि के चयन के लिए वोट डालेंगे।

27 अक्टूबर को होगी मतगणना

मतदान पूरा होने के बाद मतपेटियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा जाएगा।

मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को होनी है। मतगणना के बाद ही

सभी निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम स्पष्ट होंगे और विजयी उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

इन चुनावों के परिणाम विधान परिषद में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के

प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे। उम्मीदवारों के

साथ-साथ मतदाताओं की नजर भी मतगणना के दिन पर टिकी रहेगी।

मतदाताओं के लिए जरूरी बातें

मतदान करने जाने से पहले मतदाता इन बातों का ध्यान रखें:

  • अपना मतदाता पहचान पत्र या निर्धारित वैकल्पिक पहचान दस्तावेज साथ रखें।
  • अपने निर्वाचन क्षेत्र और मतदान केंद्र की जानकारी पहले से जांच लें।
  • मतदान का निर्धारित समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक है।
  • मतपत्र पर प्राथमिकता सही तरीके से दर्ज करें।
  • मतपत्र पर निशान लगाने के लिए मतदान केंद्र पर दिया गया निर्धारित पेन ही इस्तेमाल करें।
  • मतदान केंद्र पर तैनात कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।

निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026 की 11 सीटों के लिए

मतदान प्रदेश की चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 14.81 लाख से

अधिक पंजीकृत मतदाताओं, 2,697 मतदान स्थलों और 152 प्रत्याशियों के बीच

इस चुनाव में सभी की निगाहें मतदान और 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर रहेंगी।

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