पुलिस ने IG अमिताभ ठाकुर को ट्रेन से उठाया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर जनरल (IG) अमिताभ ठाकुर को 8 दिसंबर 2025 को लखनऊ-गोरखपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से उतारकर गिरफ्तार कर लिया गया। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआत में परिवार को किडनैपिंग की सूचना मिली, जिससे हड़कंप मच गया। बाद में पता चला कि यह पुलिस की कार्रवाई थी। अमिताभ ठाकुर को लखनऊ में एक केस में गिरफ्तार किया गया है। यह घटना यूपी पुलिस के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी के साथ हुई है, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस ब्लॉग में हम इस घटना की पूरी डिटेल्स, गिरफ्तारी का कारण, परिवार की प्रतिक्रिया, पुलिस का बयान और मामले की जांच पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यदि आप यूपी पुलिस या कानूनी मामलों से जुड़े हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए महत्वपूर्ण हैं।
घटना की पूरी टाइमलाइन: ट्रेन से उतारकर हिरासत में लिया
अमिताभ ठाकुर (पूर्व IG, 1992 बैच IPS) 10 दिसंबर को गोरखपुर से लखनऊ लौट रहे थे। ट्रेन में वे परिवार के साथ सफर कर रहे थे। सुबह 11 बजे के आसपास लखनऊ के पास ट्रेन रुक गई। पुलिस की टीम ने कोच में प्रवेश किया और अमिताभ ठाकुर को हिरासत में ले लिया।
- परिवार को पहले बताया गया – “किडनैपिंग हुई है”।
- बाद में पता चला – पुलिस ने गिरफ्तार किया।
- अमिताभ ठाकुर को लखनऊ पुलिस लाइन लाया गया।
- शाम तक परिवार को जानकारी मिली कि यह एक पुराने केस में गिरफ्तारी है।
परिवार ने तुरंत कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें कहा गया, “यह गैरकानूनी गिरफ्तारी है।”
गिरफ्तारी का कारण: पुराना केस और नया विवाद
पुलिस के अनुसार, अमिताभ ठाकुर पर 2019 के एक केस में आरोप हैं। यह केस लखनऊ में एक महिला के साथ कथित गलत व्यवहार से जुड़ा है। पुलिस ने कहा, “उन्हें कोर्ट के आदेश पर गिरफ्तार किया गया है।”
परिवार का दावा है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध है। अमिताभ ठाकुर ने पहले कई बार सरकार की नीतियों की आलोचना की थी। 2024 में वे सिविल सर्विसेज से रिटायर हुए थे।
परिवार की प्रतिक्रिया: किडनैपिंग की सूचना से हड़कंप
अमिताभ ठाकुर की पत्नी ने कहा, “ट्रेन में अचानक पुलिस आई और उन्हें उठा ले गई।
पहले लगा किडनैपिंग है।” परिवार ने कोर्ट में याचिका दायर कर तुरंत रिहाई की मांग की।
पुलिस और प्रशासन का बयान: कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने कहा, “यह गैरकानूनी गिरफ्तारी नहीं है। कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हुई।”
SP (सिटी) ने कहा, “जांच चल रही है।” मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
राजनीतिक प्रभाव: विपक्ष ने उठाए सवाल
सपा और कांग्रेस ने कहा, “योगी सरकार पूर्व अधिकारियों को निशाना बना रही है।”
BJP ने चुप्पी साधी। यह मामला UP में पुलिस-राजनीति के संबंधों पर सवाल खड़ा करता है।