उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी
CM योगी के सिंगापुर दौरे की शानदार शुरुआत
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के आधिकारिक दौरे पर हैं, जो 22 से 24 फरवरी 2026 तक चल रहा है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य वैश्विक निवेश आकर्षित करना, औद्योगिक साझेदारी मजबूत करना और उत्तर प्रदेश को भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है। दौरे के पहले दिन ही बड़ी सफलता मिली है, जहां यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ कुल 6,650 करोड़ रुपये के तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं।
ये निवेश तीन रणनीतिक क्षेत्रों में होंगे – ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर। मुख्यमंत्री योगी ने इन परियोजनाओं को उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया है।
तीन MoU का विवरण और निवेश का महत्व
यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश करने का वादा किया है। तीनों MoU इस प्रकार हैं:
- ग्रुप हाउसिंग परियोजना: आवास क्षेत्र में निवेश से शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और मध्यम वर्ग के लिए बेहतर आवास उपलब्ध होंगे।
- लॉजिस्टिक्स पार्क: यह परियोजना सप्लाई चेन और ट्रांसपोर्टेशन को मजबूत करेगी, खासकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अन्य हब के आसपास।
- हाइपरस्केल डेटा सेंटर: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश, जिसमें लखनऊ को डेटा सेंटर हब बनाने का प्रस्ताव शामिल है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को लखनऊ में डेटा सेंटर स्थापित करने का न्योता दिया है।
ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊंचाई देंगी।
20 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार के अवसर
इन निवेशों से सबसे बड़ा फायदा युवाओं को होगा। अनुमान के अनुसार, तीनों परियोजनाओं से 20 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
यह रोजगार निर्माण उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति को स्किल्ड जॉब्स प्रदान करेगा,
खासकर टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और कंस्ट्रक्शन से जुड़े क्षेत्रों में।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह निवेश प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की
दिशा में बड़ा कदम है। दौरे के दौरान वे 25 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिल रहे हैं,
जिसमें गूगल, STT ग्लोबल जैसी कंपनियां शामिल हैं।
सिंगापुर दौरा: निवेश कूटनीति का नया अध्याय
यह दौरा भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी रोडमैप के अनुरूप है, जिसमें आर्थिक सहयोग, डिजिटलाइजेशन,
सस्टेनेबिलिटी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग,
विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और अन्य नेताओं से मुलाकात की।
इसके अलावा, स्किल डेवलपमेंट के लिए ITE (Institute of Technical Education) में
प्रस्तुति देखी और एविएशन स्किल्स पर MoU साइन किए गए।
दौरे का अगला चरण जापान में होगा, जहां और निवेश आकर्षित करने की योजना है।
उत्तर प्रदेश का भविष्य: निवेश और विकास की नई लहर
ये MoU उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरपोर्ट और डिजिटल हब के साथ यूपी अब निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।
मुख्यमंत्री योगी की निवेश कूटनीति से प्रदेश में रोजगार,
विकास और समृद्धि की नई उम्मीद जगी है।