यूपी विधानमंडल बजट सत्र
यूपी बजट सत्र जारी: आरोप-प्रत्यारोप के बीच सत्ता पक्ष का मजबूत जवाब
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र पूरे जोश में चल रहा है। विपक्ष सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और बिजली दरों के मुद्दे पर लगातार हमला बोल रहा है, जबकि सत्ता पक्ष आंकड़ों और उपलब्धियों के साथ करारा जवाब दे रहा है। आज के सत्र में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने विपक्ष के सवालों पर सबसे मजबूत बयान दिया। उन्होंने कहा, “पिछले छह साल में यूपी में बिजली की दरें एक भी बार नहीं बढ़ाई गईं।” यह जवाब विपक्ष के उन आरोपों पर था कि आम आदमी पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है और बिजली महंगी हो गई है।
ऊर्जा मंत्री का करारा जवाब: बिजली दरें स्थिर, सुधार बड़े
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सदन में कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2017 से अब तक बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 2017 में जहां घरेलू बिजली की औसत दर 6.50 रुपये प्रति यूनिट थी, आज भी वही बनी हुई है। “हमने बिजली चोरी पर रोक लगाई, AT&C लॉस कम किया और सब्सिडी के जरिए गरीब परिवारों को सस्ती बिजली दी।” मंत्री ने कहा कि यूपी में 24 घंटे बिजली पहुंचाने का वादा पूरा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में 18-20 घंटे और शहरों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध है।
बजट सत्र के प्रमुख अपडेट्स: आज क्या हुआ?
- प्रश्नकाल में हंगामा: विपक्ष ने बिजली दरें, महंगाई और बेरोजगारी पर सवाल उठाए। सपा और कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि आम आदमी पर बोझ बढ़ रहा है।
- ऊर्जा मंत्री का जवाब: एके शर्मा ने छह साल में दरें न बढ़ाने का दावा किया। उन्होंने बताया कि यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने 1 लाख करोड़ से अधिक का घाटा कम किया और सोलर-रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस किया।
- अन्य हाइलाइट्स: औद्योगिक विकास मंत्री ने निवेश के आंकड़े दोहराए।
- शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी चर्चा हुई। बजट 2026-27 के प्रावधानों पर बहस जारी है,
- जिसमें ऊर्जा क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है।
- विपक्ष की रणनीति: अखिलेश यादव और अन्य नेताओं ने संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दे उठाए,
- लेकिन सरकार ने विकास के आंकड़ों से जवाब दिया।
यूपी में बिजली सुधार: आंकड़े बोलते हैं
मंत्री ने सदन में कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे:
- 2017 से अब तक कोई दर वृद्धि नहीं।
- 2.5 करोड़ से अधिक घरों में मुफ्त बिजली योजना लागू।
- सोलर पंप और रूफटॉप सोलर पर भारी सब्सिडी।
- बिजली चोरी रोकने से 15,000 करोड़ रुपये की बचत।
- नए पावर प्लांट और ट्रांसमिशन लाइन से क्षमता बढ़ी।
- ये उपलब्धियां यूपी को बिजली क्षेत्र में उत्तर भारत का लीडर बना रही हैं।
सत्र का महत्व: 2027 चुनाव से पहले सरकार की मजबूती
यह बजट सत्र योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का महत्वपूर्ण सत्र है।
2027 विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए सरकार हर मोर्चे पर उपलब्धियां गिना रही है।
ऊर्जा मंत्री का बयान आम आदमी को राहत देने वाली नीति को हाइलाइट करता है।
विपक्ष घेराबंदी कर रहा है, लेकिन सत्ता पक्ष आंकड़ों से जवाब दे रहा है।
यूपी की ऊर्जा क्रांति जारी
यूपी बजट सत्र में ऊर्जा मंत्री का जवाब सरकार की मजबूती दिखाता है।
छह साल में बिजली दरें न बढ़ाना आम आदमी के लिए बड़ी राहत है। आने वाले दिनों में और बहस होगी,
लेकिन विकास का रोडमैप साफ है। अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।
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