यूपी विधानमंडल बजट सत्र
यूपी विधानमंडल बजट सत्र जारी: आरोप-प्रत्यारोप के बीच सत्ता पक्ष तैयार
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र पूरे जोश में जारी है। विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष मजबूत तर्कों और आंकड़ों के साथ जवाब दे रहा है। आज के सत्र में औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने विपक्ष के सवालों पर करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “कथनी और करनी एक होने से निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बना यूपी”। मंत्री ने पिछले वर्षों में हुए निवेश और रोजगार सृजन के आंकड़े पेश कर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। यह जवाब विपक्ष के उन आरोपों पर था कि यूपी में निवेश सिर्फ कागजों पर है, हकीकत में नहीं।
औद्योगिक मंत्री का जवाब: यूपी अब निवेश का हब
औद्योगिक मंत्री ने सदन में कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निवेश के मामले में नया कीर्तिमान बनाया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से कई पर काम शुरू हो चुका है। “कथनी और करनी एक होने से यूपी निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन गया है। पहले जो राज्य बीमारू कहा जाता था, अब टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है।” मंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर, कानून-व्यवस्था और आसान बिजनेस करने के माहौल का श्रेय सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि MoUs से आगे बढ़कर असली निवेश और 15 लाख से अधिक रोजगार सृजन हुआ है।
बजट सत्र के प्रमुख अपडेट्स: आज क्या हुआ?
- प्रश्नकाल में हंगामा: विपक्ष ने निवेश, बेरोजगारी और महंगाई पर सवाल उठाए। सपा और कांग्रेस सदस्यों ने सरकार पर कागजी घोड़े दौड़ाने का आरोप लगाया।
- औद्योगिक मंत्री का करारा जवाब: नंदगोपाल गुप्ता ने आंकड़े पेश कर बताया कि यूपी में अर्थव्यवस्था 30 लाख करोड़ से अधिक पहुंच गई है। निवेश प्रस्तावों की प्रक्रिया तेज हुई है।
- अन्य हाइलाइट्स: शिक्षा मंत्री ने UP बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के प्रयासों की बात की। स्वास्थ्य और कृषि पर भी चर्चा हुई। सत्र में बजट 2026-27 के प्रावधानों पर बहस जारी है,
- जिसमें 9.12 लाख करोड़ का मेगा बजट फोकस में है।
- विपक्ष की रणनीति: अखिलेश यादव और अन्य नेताओं ने संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दे उठाए,
- लेकिन सरकार ने विकास के आंकड़ों से जवाब दिया।
यूपी में निवेश और विकास की रफ्तार: आंकड़े बोलते हैं
बजट सत्र में सरकार ने जोर दिया कि यूपी अब निवेश का केंद्र बन गया है।
50 लाख करोड़ के MoUs से
15 लाख से अधिक रोजगार सृजन हुआ। इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश, जैसे एक्सप्रेसवे,
औद्योगिक कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर पार्क, ने राज्य को आकर्षक बनाया।
मंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था मजबूत होने से निवेशक सुरक्षित महसूस करते हैं।
यूपी अब स्टार्टअप और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में लीडर बन रहा है।
सत्र का महत्व: 2027 चुनाव से पहले सरकार की तैयारी
यह बजट सत्र योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण सत्र है।
2027 विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए सरकार विकास और
निवेश के एजेंडे पर फोकस कर रही है। विपक्ष घेराबंदी कर रहा है,
लेकिन सत्ता पक्ष आंकड़ों और उपलब्धियों से जवाब दे रहा है।
औद्योगिक मंत्री का यह बयान सरकार की छवि मजबूत करने वाला है।
यूपी का विकास अभियान जारी
यूपी बजट सत्र में आज औद्योगिक मंत्री का जवाब सरकार की मजबूती दिखाता है।
कथनी-करनी का एक होना निवेशकों का भरोसा जीत रहा है। आने वाले दिनों में और बहस होगी,
लेकिन विकास का रोडमैप साफ है। अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।
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