अस्पतालों को बड़ा झटका
मेरठ, 4 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने मेरठ जिले के सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर सख्ती की तलवार लटका दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विश्वास चौहान ने बुधवार को साफ आदेश जारी किया कि जिले के सभी 1400 रजिस्टर्ड डॉक्टरों और करीब 300 निजी अस्पतालों-नर्सिंग होम को 15 दिसंबर 2025 तक आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पैनल में शामिल होना अनिवार्य है। जो ऐसा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत लाइसेंस रद्द करने से लेकर FIR तक की कार्रवाई होगी।
15 दिसंबर तक पैनल में शामिल न हुए तो ये होगी कार्रवाई
CMO कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में लिखा है:
- 15 दिसंबर तक आयुष्मान पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और एमओयू न करने वाले अस्पतालों का लाइसेंस सस्पेंड
- लगातार अवहेलना करने पर स्थायी लाइसेंस रद्द
- फर्जी बिलिंग या मरीजों से कैश लेने पर सीधे FIR
- अस्पताल की सीलिंग और 5 लाख तक जुर्माना
CMO डॉ. विश्वास चौहान ने कहा, “आयुष्मान कार्ड धारक गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज का अधिकार है। कुछ निजी अस्पताल कैश लेकर कार्ड स्वीकार नहीं कर रहे। अब यह बर्दाश्त नहीं होगा।”
मेरठ में अब तक सिर्फ 92 अस्पताल ही आयुष्मान पैनल में
आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
- मेरठ में कुल 300 से ज्यादा निजी अस्पताल/नर्सिंग होम हैं
- इनमें से सिर्फ 92 ही आयुष्मान योजना से जुड़े हैं
- 1400 से ज्यादा निजी क्लीनिक में से महज 210 ने एमओयू किया है
- रोजाना सैकड़ों मरीज आयुष्मान कार्ड दिखाकर भी भटक रहे हैं
मरीजों की सबसे बड़ी शिकायत: “कार्ड दिखाने पर भगा दिया जाता है”
लाजपत नगर निवासी रामकिशोर (58) बताते हैं, “मेरठ के बड़े-बड़े अस्पतालों में गया, सबने कहा कैश दो वरना नहीं भर्ती करेंगे। आखिर में सरकारी अस्पताल की लाइन में लगना पड़ा।” इसी तरह मोदीपुरम की रुखसाना का बच्चा बीमार था। एक नामी अस्पताल ने कहा, “आयुष्मान में सिर्फ छोटी सर्जरी होती है, कैश दो तो अभी कर देते हैं।” ऐसे सैकड़ों मामले रोज सामने आ रहे हैं।
डॉक्टरों का पक्ष: “पेमेंट में देरी और कम रेट”
कुछ निजी डॉक्टरों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा:
- “आयुष्मान का पेमेंट 6-8 महीने लेट आता है”
- “सर्जरी पैकेज रेट बहुत कम हैं, घाटे में चलाना पड़ता है”
- “कई बार बिल रिजेक्ट कर देते हैं, फिर भाग-दौड़ करनी पड़ती है”
हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अब पेमेंट 30 दिन में हो रहा है और रेट भी बढ़ाए गए हैं।
मरीजों के लिए जरूरी जानकारी – अब ये करें
- अपना और परिवार का आयुष्मान कार्ड चेक करें – 14555 या ayushmanbharat.gov.in पर
- मेरठ के आयुष्मान एम्पैनल्ड अस्पतालों की लिस्ट सीएमओ वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है
- अगर कोई अस्पताल कार्ड लेने से मना करे तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 1800-180-0444 या 14555 पर शिकायत करें
- शिकायत मिलते ही 24 घंटे में टीम जांच करेगी और कार्रवाई होगी
