UP अखिलेश यादव बयान
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन के दौरान सपा नीतीश और मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में थी, लेकिन भाजपा की रणनीति ने ऐसा नहीं होने दिया। साथ ही, उन्होंने गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों पर भी भाजपा सरकार को घेरा।
अखिलेश का नीतीश कुमार पर बयान: PM बनाना चाहते थे, लेकिन भाजपा राज्यसभा भेजना चाहती है
लखनऊ में सपा मुख्यालय पर शनिवार को मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि 2024 में जब इंडिया गठबंधन बना था, तो सपा नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में थी। उन्होंने कहा, “हम लोग उन्हें प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे।” लेकिन अब लगता है कि भाजपा नीतीश जी को राज्यसभा सदस्य के रूप में ही रिटायर करना चाहती है। अखिलेश का यह बयान नीतीश कुमार के हाल के राजनीतिक फैसलों पर कटाक्ष करता नजर आता है, खासकर जब नीतीश ने NDA में शामिल होने का फैसला किया था।
नीतीश कुमार की राज्यसभा जाने की अटकलों पर अखिलेश ने तंज कसा कि भाजपा उन्हें PM पद से दूर रखते हुए सिर्फ राज्यसभा तक सीमित करना चाहती है। यह बयान विपक्षी एकता की पुरानी कोशिशों को याद दिलाता है, जब इंडिया गठबंधन ने भाजपा को चुनौती देने की योजना बनाई थी।
मायावती पर खुलासा: 2019 गठबंधन में PM बनाने की थी योजना
अखिलेश यादव ने 2019 के लोकसभा चुनाव को भी याद किया, जब सपा और बसपा का गठबंधन हुआ था। उन्होंने कहा कि उस समय सपा मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में थी। “जब 2019 में सपा-बसपा का गठबंधन हुआ था तो हम मायावती को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे।” लेकिन गठबंधन टूटने के बाद यह संभव नहीं हो सका। अखिलेश का यह बयान मायावती के साथ पुराने गठजोड़ को रेखांकित करता है, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण था।
यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी दलों में फिर से एकता की बातें हो रही हैं, लेकिन पुराने अनुभवों से सबक लेने की जरूरत है। अखिलेश ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह विपक्षी नेताओं को कमजोर करने की साजिश रचती है।
गैस दामों पर भाजपा को घेरा: जनता को हो रही परेशानी
अखिलेश यादव ने गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गैस के दाम इतने बढ़ा दिए हैं कि आम जनता को
रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। “भाजपा पर हमला बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि
गैस के दामों को लेकर सरकार की नीतियां जनविरोधी हैं।” यह बयान महंगाई और ईंधन कीमतों को
राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश है, खासकर जब वैश्विक संकट के बीच दाम बढ़ रहे हैं।
चुनाव आयोग और फर्जी वीडियो पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग झूठ बोलता है और
भाजपा के इशारे पर काम करता है। “भाजपा के लोग सपा का फर्जी वीडियो चलवा रहे हैं।
हम उन पर मुकदमा करेंगे।” यह बयान सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और
राजनीतिक प्रचार को लेकर चिंता जताता है। अखिलेश ने सपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि
वे ऐसे प्रचार से सतर्क रहें और सच्चाई का प्रचार करें।
विपक्षी राजनीति में नया मोड़
अखिलेश यादव का यह बयान उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है।
नीतीश और मायावती को PM बनाने की पुरानी योजना का जिक्र विपक्षी एकता की याद दिलाता है,
जबकि भाजपा पर आरोप चुनावी माहौल गर्माने का काम कर रहे हैं। गैस दामों जैसे मुद्दों पर
हमला आम जनता से जुड़ने की रणनीति है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि
नीतीश और मायावती इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
