गोरखपुर फायरिंग केस में
गोरखपुर एयरपोर्ट पर धराया आरोपी, सभासद पर फायरिंग के बाद मुंबई भागने की फिराक में था सूजा पठान
एयरपोर्ट से गिरफ्तारी, टिकट भी बरामद
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सभासद के घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपियों में शामिल सूजा पठान को गोरखपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि वह मुंबई भागने की कोशिश में था और उसके पास से फ्लाइट टिकट भी बरामद हुआ है। यह कार्रवाई पुलिस और एयरपोर्ट अथॉरिटी के संयुक्त प्रयास से की गई।
मुठभेड़ के बाद खुली साजिश की परतें
इस मामले में पहले ही पुलिस ने एक अन्य आरोपी आदित्य साहनी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। कप्तानगंज पुलिस ने उसे हसनगंज-भिवरा इलाके में घेराबंदी कर पकड़ा, जिसमें उसके पैर में गोली भी लगी। पूछताछ के दौरान आदित्य की निशानदेही पर ही सूजा पठान की गिरफ्तारी संभव हो पाई। हालांकि एक अन्य साथी मौके से फरार हो गया था।
सभासद के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग
घटना सोमवार रात की बताई जा रही है, जब करीब 10 मिनट के भीतर बदमाशों ने सभासद मोहम्मद आरिफ और विक्की मद्धेशिया के घर पर पांच राउंड फायरिंग की। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और एसपी केशव कुमार के निर्देश पर टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई थी।
हथियार और सामान भी बरामद
पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के पास से कई अहम सबूत भी बरामद किए हैं। इनमें 32 बोर की पिस्टल, खोखा, दो जिंदा कारतूस, एक बाइक और नकदी शामिल है। इन बरामदगी से यह साफ हो गया है कि हमले की साजिश पूरी तैयारी के साथ रची गई थी।
पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह
जांच में सामने आया है कि इस फायरिंग के पीछे पुरानी रंजिश थी। करीब 10 दिन पहले सुभाष चौक पर विक्की मद्धेशिया के भतीजे उपकार और सुजीत रावत के छोटे भाई भीरू रावत के बीच विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद सभासद मोहम्मद आरिफ और
विक्की मद्धेशिया ने सुजीत रावत के घर जाकर शिकायत की थी। इसी बात से नाराज होकर
सुजीत रावत ने सूजा पठान और आदित्य साहनी के साथ मिलकर हमले की साजिश रची।
तीसरा आरोपी अभी फरार
पुलिस के अनुसार इस मामले में तीसरा आरोपी सुजीत रावत अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए
लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी पकड़ने का दावा किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से
जांच की जा रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश जारी है।
गोरखपुर में हुई इस फायरिंग घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि पुलिस की तत्परता से मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी ने मामले को काफी हद तक सुलझा दिया है।
अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले का खुलासा पूरी तरह हो सकेगा।
