यूपी: ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर जालसाजी, 2 गिरफ्तार – पीलीभीत से खुला गोरखपुर 'फर्जी कॉल सेंटर' का खेल, लाखों की ठगी का नेटवर्क
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध का नया रूप सामने आया है। ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। अमर उजाला और दैनिक भास्कर की 8 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट्स के अनुसार, गोरखपुर के एक फ्लैट से चल रहे इस सेंटर का खुलासा पीलीभीत पुलिस की छापेमारी से हुआ। 2 मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि गिरोह ने लाखों रुपये की ठगी की है। ठग गेमिंग ऐप्स में ‘फर्जी जीत’ का लालच देकर UPI से पैसे ऐंठते थे। साइबर सेल ने जांच तेज कर दी है, और संदेह है कि गिरोह का नेटवर्क बिहार-छत्तीसगढ़ तक फैला है। यह ब्लॉग इस फर्जी कॉल सेंटर की पूरी स्टोरी, गिरोह की चालाकी, गिरफ्तारियों, ठगी की रकम और साइबर फ्रॉड से बचाव के टिप्स लेकर आया है। यदि आप ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स यूज करते हैं, तो ये अपडेट्स चेतावनी हैं।
फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा: पीलीभीत छापे से गोरखपुर लिंक
पीलीभीत के घुंघचिहाई थाने की पुलिस को टिप मिली कि एक फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है, जहां गेमिंग ऐप्स के नाम पर ठगी हो रही है। छापेमारी में 3 आरोपी पकड़े गए, लेकिन पूछताछ में खुलासा हुआ कि मास्टरमाइंड गोरखपुर के हैं। गोरखपुर के गुलरिहा इलाके के जैमिनी पैराडाइज अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 403 से सेंटर चल रहा था। आरोपी छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी अरविंद चौधरी (मुख्य सरगना) और उसके साथी सुमित यादव (मऊ) ने डेढ़ साल में 34 लाख ठगे।
पुलिस ने गोरखपुर में छापा मारा, जहां 2 आरोपी – अरविंद और सुमित – गिरफ्तार हो गए। उनके पास से 9 मोबाइल, 2 लैपटॉप, 59,500 रुपये, फर्जी सिम कार्ड्स और बैंक डिटेल्स बरामद हुए। एएसपी विक्रम दहिया ने कहा, “गिरोह ने ‘अन्ना रेड्डी’ नामक फर्जी गेमिंग ऐप बनाया, जहां जीत का लालच देकर UPI से पैसे ऐंठे।”
गिरोह की चालाकी: गेमिंग ऐप्स में फर्जी जीत का जाल
गिरोह की रणनीति साफ थी:
- फर्जी टेलीग्राम आईडी और ऐप बनाकर ‘इंटरनेशनल गेमिंग’ का झांसा।
- छोटी जीत दिखाकर लालच बढ़ाया, फिर बड़े बेट लगवाए।
- हार पर ‘डबल मनी रिटर्न’ का वादा, लेकिन पैसे गायब।
- कॉर्पोरेट बैंक अकाउंट्स, चेकबुक और डेबिट कार्ड्स से लेन-देन।
- निशाना: गरीब-बेरोजगार युवा, साउथ इंडिया के लोग।
अरविंद ने कबूल किया, “डेढ़ साल में 50+ शिकार, कुल 34 लाख। ऐप में सॉफ्टवेयर से फर्जी जीत दिखाते थे।” UP में 2025 में ऐसे 200+ केस दर्ज, करोड़ों की ठगी।
गिरफ्तारियां और पुलिस कार्रवाई: साइबर सेल ने नेटवर्क तोड़ा
पीलीभीत पुलिस ने शुरुआत की, गोरखपुर साइबर सेल ने फॉलोअप। 2 गिरफ्तार, 29 अन्य सदस्यों की तलाश। IT एक्ट और IPC धारा 420 (धोखाधड़ी) में FIR। सुमित का HDFC अकाउंट फ्रीज, 20 लाख जब्त। SP ने कहा, “गिरोह का लिंक बिहार-छत्तीसगढ़ तक। राष्ट्रीय स्तर पर जांच।”
साइबर फ्रॉड से कैसे बचें? 5 गोल्डन टिप्स
- ऐप चेक: गेमिंग ऐप्स गूगल प्ले पर रिव्यू देखें, अनजान लिंक न क्लिक करें।
- UPI सिक्योर: लिमिट सेट करें, अनजान को पैसे न भेजें।
- रिपोर्ट: शक हो तो 1930 पर कॉल या cybercrime.gov.in पर शिकायत।
- अवेयरनेस: परिवार को फ्रॉड के बारे में बताएं।
- VPN यूज: अनजान ऐप्स डाउनलोड न करें। ये टिप्स अपनाकर 90% फ्रॉड रोके जा सकते हैं।