हर घर में नौकरी का जुनून
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में एक ऐसा गांव है जहां हर घर में सरकारी नौकरी का सपना सच होता है। गोरखपुर जिले के खजनी थाना क्षेत्र के बहरामपुर गांव में सिर्फ 400 परिवार हैं, लेकिन इनमें 300 से ज्यादा लोग सरकारी नौकरी में हैं। अमर उजाला और दैनिक जागरण की 11 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस गांव में सुबह-शाम सरकारी भर्ती, परीक्षा की तैयारी और नतीजों पर चर्चा होती है। गांव में कोई भी व्यक्ति बेरोजगार नहीं दिखता – या तो सरकारी नौकरी में है या तैयारी कर रहा है। यह गांव यूपी में सरकारी नौकरी के जुनून का जीता-जागता उदाहरण है। इस ब्लॉग में हम बहरामपुर गांव की पूरी कहानी, सरकारी नौकरियों का जुनून, गांव का नाम और रहस्य, स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और युवाओं के लिए प्रेरणा बताएंगे।
बहरामपुर गांव: 400 परिवार, 300+ सरकारी नौकर
बहरामपुर गांव गोरखपुर से करीब 30 किमी दूर है। यहां की आबादी लगभग 2000 है। गांव में:
- 300 से ज्यादा लोग सरकारी नौकरी में हैं।
- 80% युवा सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
- गांव में कोई भी व्यक्ति निजी नौकरी या खेती में नहीं दिखता।
- हर घर में कम से कम एक सदस्य IAS, PCS, बैंक PO, रेलवे या शिक्षक है।
गांव के लोग कहते हैं, “यहां सरकारी नौकरी ही सब कुछ है।”
गांव का रहस्य: सरकारी नौकरी का जुनून
बहरामपुर में सरकारी नौकरी का जुनून 1990 के दशक से चला आ रहा है। गांव के बुजुर्गों ने कहा, “पहले एक-दो लोग नौकरी में गए, फिर सबको लगा कि सरकारी नौकरी ही स्थायी और सम्मानजनक है।” गांव में:
- रोजाना सुबह-शाम परीक्षा की तैयारी पर चर्चा होती है।
- नतीजे आने पर पूरे गांव में उत्सव मनाया जाता है।
- कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी गांव में ही हैं।
- गांव के युवा दिल्ली, इलाहाबाद और लखनऊ की कोचिंग में जाते हैं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: गर्व और प्रेरणा
गांव के प्रधान ने कहा, “हमारा गांव सरकारी नौकरी का केंद्र बन गया है।” एक युवा ने कहा, “यहां पढ़ाई का माहौल है, कोई नौकरी नहीं करता तो सब पूछते हैं – क्यों नहीं कर रहा?” गांव की महिलाएं भी पढ़ाई में आगे हैं।
यूपी में सरकारी नौकरी का जुनून: आंकड़े चौंकाने वाले
- यूपी में 2025 में 10 लाख से ज्यादा युवा सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
- गोरखपुर में 50+ गांव ऐसे हैं जहां 50% से ज्यादा युवा सरकारी नौकरी की तैयारी में हैं।
- बहरामपुर इसकी सबसे बड़ी मिसाल है।
