उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार के विजन से यूपी में निवेश की बाढ़ आ गई है। 16 दिसंबर 2025 की ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2023 के बाद यूपी में 40 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ धरातल पर उतर चुके हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों ने यूपी को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है। टाटा, अडानी, रिलायंस और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां यूपी में बड़ा निवेश कर रही हैं। यह बदलाव यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
डबल इंजन सरकार का विजन: मोदी-योगी की जोड़ी
प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी की डबल इंजन सरकार ने यूपी को निवेश हब बनाने का विजन रखा है। मुख्य कदम:
- ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023: 40 लाख करोड़ प्रस्ताव।
- ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी: 10 लाख करोड़ धरातल पर।
- नीतियां: सिंगल विंडो क्लियरेंस, सब्सिडी और सुरक्षा।
- इंफ्रा: एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर।
- मोदी का मार्गदर्शन: इन्वेस्टर्स मीट में यूपी को प्रमोट।
योगी ने कहा, “मोदी जी के विजन से यूपी निवेशकों की पहली पसंद बना है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है
रिकॉर्ड निवेश: प्रमुख कंपनियां और प्रोजेक्ट
यूपी में आए प्रमुख निवेश:
- टाटा समूह: इलेक्ट्रिक व्हीकल और सेमीकंडक्टर।
- अडानी: डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स।
- रिलायंस: रिटेल और एनर्जी।
- अंतरराष्ट्रीय: सैमसंग, हॉनहाई और माइक्रोसॉफ्ट।
- कुल: 10 लाख करोड़ धरातल पर, 35 लाख रोजगार।
गोरखपुर, नोएडा और लखनऊ में सबसे ज्यादा निवेश।
रोजगार सृजन: युवाओं को नई उम्मीद
निवेश से:
- 35 लाख+ नौकरियां।
- स्किल डेवलपमेंट सेंटर।
- महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को प्राथमिकता।
- MSME को बूस्ट।
युवाओं ने कहा, “यूपी में अब नौकरियां आ रही हैं।”