
गोरखपुर डंपर हादसा: क्या हुआ कम्हरियाघाट पुल पर?गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे एक भयानक सड़क दुर्घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। बेकाबू रफ्तार से चला रहे डंपर ने सामने से आ रही बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। डंपर की चपेट में आने से बाइक सवार 32 वर्षीय राकेश निषाद की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक नरगड़ा जंगासिंह के लहरी निषाद के निवासी थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डंपर चालक लापरवाही भरा ड्राइविंग कर रहा था, जिससे वाहन बेकाबू हो गया और बाइक पर चढ़ गया। बाइक पूरी तरह चूर-चूर हो गई, जबकि युवक की हालत इतनी नाजुक थी कि उसे बचाया न जा सका।
यह घटना महज 10 दिनों के अंदर इसी स्थान पर हुई दूसरी मौत है, जो क्षेत्र में डंपर चालकों की बेकाबू रफ्तार को उजागर करती है। गोरखपुर डंपर हादसा अब स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। सड़क पर भारी वाहनों की लापरवाही से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
ग्रामीणों का आक्रोश: सड़क जाम और प्रदर्शन की घटना
हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने विरोध में कम्हरियाघाट पुल पर सड़क जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि डंपर चालक बिना ब्रेक या स्पीड कंट्रोल के तेज रफ्तार में वाहन चला रहे हैं। “10 दिन में दो मौतें हो चुकी हैं, प्रशासन सो रहा है,” यही नारा लगाते हुए उन्होंने प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर फोर्स तैनात कर ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। परिजन रो-रोकर बुरे हाल में हैं, और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषी डंपर चालक पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो, स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों।
डंपर चालक लापरवाही: सड़क सुरक्षा पर सवाल
उत्तर प्रदेश में डंपर दुर्घटनाएं आम हो गई हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां सड़कें संकरी हैं। गोरखपुर जैसे जिलों में कंस्ट्रक्शन कार्यों के चलते डंपरों की संख्या बढ़ी है, लेकिन चालकों की लापरवाही घातक साबित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरलोडिंग, नशे में ड्राइविंग और स्पीड लिमिट न मानना मुख्य कारण हैं। पिछले साल यूपी में 20,000 से ज्यादा सड़क हादसे हुए, जिनमें भारी वाहनों की भूमिका प्रमुख रही। कम्हरियाघाट पुल जैसी जगहों पर साइनेज और कैमरे लगाने की जरूरत है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद चालक पर सख्त कार्रवाई होगी। ग्रामीणों की मांग पर स्पीड चेकिंग और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।
मुख्य मांगें और भविष्य की उम्मीद
डंपरों पर स्पीड गवर्नर अनिवार्य करें।
दोषी चालक को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दें।
सड़क पर स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाएं।
नियमित ट्रैफिक चेकिंग शुरू करें।
यह हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की जरूरत बताता है। क्या प्रशासन त्वरित कदम उठाएगा?
