फर्रुखाबाद कोचिंग सेंटर हादसा: बेसमेंट में भीषण धमाका, दो छात्रों की मौत, कई घायल — शहर में मचा हड़कंपफर्रुखाबाद शहर में रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया जब एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। यह धमाका इतना जबरदस्त था कि इमारत की दीवारें और छत तक उड़ गईं, जिससे दो छात्रों की मौत हो गई और सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके की तीव्रता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोचिंग सेंटर की दीवार का मलबा करीब 200 मीटर दूर तक फैल गया।धमाके की वजह: सेप्टिक टैंक में मिथेन गैस का रिसाव माना जा रहा हैप्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बने सेप्टिक टैंक में मिथेन गैस जमा हो गई थी, जिसने किसी स्पार्क या रिसाव के कारण विस्फोट का रूप ले लिया। हालांकि मौके पर मौजूद फॉरेंसिक टीम और पुलिस प्रशासन अभी भी अन्य संभावनाओं — जैसे कि गैस सिलिंडर या ज्वलनशील पदार्थ के विस्फोट — की जांच कर रहे हैं।एटीएस (एंटी-टेरेरिज्म स्क्वाड) की एक टीम भी मौके पर पहुंची और उन्होंने घटनास्थल से कई साक्ष्य एकत्र किए हैं ताकि धमाके की असली वजह का पता लगाया जा सके।घटना का विवरणयह हादसा शहर के संजय नगर मोहल्ले में स्थित ‘सन लाइब्रेरी रिफ्लेक्स स्टडी पॉइंट’ कोचिंग सेंटर में हुआ। यह इमारत तीन मंज़िला बताई जा रही है। दोपहर करीब 3 बजे अचानक ज़ोरदार धमाका हुआ जिसने आसपास के इलाके को दहला दिया। इमारत का बेसमेंट पूरी तरह ध्वस्त हो गया और ऊपर के हिस्से की दीवारें गिर गईं।धमाके के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे छात्रों को निकालने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। मलबा हटाकर कई छात्रों को बाहर निकाला गया, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात गंभीर रूप से घायल मिले।मृत छात्रों की पहचानमृतकों में पहला छात्र आकाश कश्यप (22 वर्ष) बताया गया है, जो मैनपुरी जिले का रहने वाला था। धमाके की ताकत इतनी ज़्यादा थी कि आकाश का शव इमारत से लगभग 50 मीटर दूर सड़क पर गिरा मिला।दूसरी मृतका सप्सेना (24 वर्ष) बताई जा रही हैं, जिनका शव कोचिंग सेंटर के बाहर मलबे के नीचे से बरामद हुआ। दोनों छात्र कोचिंग में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।घायल छात्रों की स्थिति गंभीरधमाके में घायल हुए सात अन्य छात्रों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें एक की हालत नाज़ुक बताई जा रही है। डॉक्टरों ने कहा कि कुछ छात्रों को सिर और सीने में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ के शरीर के हिस्सों में जलन और फ्रैक्चर हुए हैं।आसपास के मकान भी हिलेधमाके की आवाज़ इतनी ज़ोरदार थी कि एक किलोमीटर दूर तक मकान हिल गए। आसपास के कई घरों के शीशे टूट गए और फर्नीचर क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें लगा जैसे भूकंप आया हो। कई लोगों ने घरों से बाहर भागकर अपनी जान बचाई।प्रशासन और पुलिस की कार्रवाईजैसे ही घटना की सूचना मिली, जिलाधिकारी आशीष कुमार द्विवेदी और एसपी सीरी माजिद मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने के आदेश दिए।जिलाधिकारी ने बताया कि घटना की गहराई से जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति को तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।स्थानीय लोगों का आक्रोश और सवालस्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाए हैं कि कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में आखिर गैस रिसाव या ज्वलनशील पदार्थ कैसे जमा हुआ। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कई कोचिंग सेंटर बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन इस पर ध्यान नहीं देते, जिससे ऐसे हादसे कभी भी हो सकते हैं।विशेषज्ञों की रायफॉरेंसिक टीम के एक अधिकारी ने बताया कि मिथेन गैस अत्यंत ज्वलनशील होती है और यदि यह बंद स्थानों जैसे सेप्टिक टैंक या बेसमेंट में जमा हो जाए, तो एक चिंगारी से भी बड़ा धमाका हो सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए नियमित रूप से गैस वेंटिलेशन और जांच की जानी चाहिए।निष्कर्षफर्रुखाबाद का यह हादसा एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है। कोचिंग सेंटर जैसे संस्थान जहां प्रतिदिन सैकड़ों छात्र पढ़ने आते हैं, वहां इस तरह की सुरक्षा चूक न केवल घातक है बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है।दो युवा छात्रों की असमय मौत ने पूरे शहर को शोक और आक्रोश में डाल दिया है। प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन सवाल अब यह है कि क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं से सबक लिया जाएगा या यह भी एक और “जांच रिपोर्ट” बनकर रह जाएगी।