रुड़की डायट में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों
रुड़की डायट में NEP 2020 के तहत गतिविधि आधारित विज्ञान शिक्षण कार्यशाला
रुड़की के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) की पद्धति को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत विज्ञान शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण (Activity Based Teaching) की ट्रेनिंग देना था। कार्यशाला में कक्षा 6 एवं 7 के पाठ्यक्रम के विज्ञान विषय को प्रैक्टिकल और रोचक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों को बताया गया कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ हाथों से करके सीखना बच्चों में वैज्ञानिक सोच और रुचि विकसित करता है।
कार्यशाला का उद्देश्य: NEP 2020 के सिद्धांतों को लागू करना
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में ‘करके सीखने’ को शिक्षा का मूल मंत्र बताया गया है। डायट रुड़की ने इसी नीति को जमीन पर उतारने के लिए यह कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला में विज्ञान शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियां सिखाई गईं, जैसे सरल प्रयोगों के माध्यम से भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान के कॉन्सेप्ट समझाना। उदाहरण के तौर पर, पानी की सतह तनाव, चुंबकत्व, प्रकाश का अपवर्तन, पौधों में प्रकाश संश्लेषण जैसी अवधारणाओं को बच्चों के साथ करके सिखाने के तरीके साझा किए गए। ट्रेनर्स ने जोर दिया कि ऐसे प्रयोगों से बच्चे न सिर्फ सिद्धांत समझते हैं, बल्कि उन्हें याद भी रहता है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है।
कक्षा 6 एवं 7 के लिए विशेष फोकस: प्रैक्टिकल शिक्षण पर जोर
कार्यशाला में विशेष रूप से कक्षा 6 और 7 के विज्ञान पाठ्यक्रम को ध्यान में रखा गया। इन कक्षाओं में बच्चे विज्ञान की बुनियादी अवधारणाओं से परिचित होते हैं, इसलिए गतिविधि आधारित शिक्षण उनके लिए बहुत प्रभावी साबित होता है। शिक्षकों को बताया गया कि क्लासरूम में उपलब्ध सामग्री जैसे पानी, नींबू, बैटरी, तार, चुंबक, बीज आदि से ही रोचक प्रयोग किए जा सकते हैं। कोई महंगे उपकरणों की जरूरत नहीं। ट्रेनर्स ने डेमो सेशन में कई प्रयोग करके दिखाए, जैसे घरेलू सामग्री से इलेक्ट्रिक सर्किट बनाना, पानी में वस्तुओं का तैरना-डूबना समझाना और पौधों की वृद्धि का ऑब्जर्वेशन। शिक्षकों ने खुद ये गतिविधियां करके सीखा और अपनी कक्षाओं में लागू करने की योजना बनाई।
शिक्षकों की प्रतिक्रिया और कार्यशाला का प्रभाव
कार्यशाला में शामिल शिक्षकों ने इसे बहुत उपयोगी बताया। एक शिक्षक ने कहा, “NEP 2020 में करके सीखने पर जोर है, लेकिन पहले हमें नहीं पता था कि इसे कैसे लागू करें। यह कार्यशाला हमें तैयार करने में बहुत मददगार साबित हुई।” डायट के प्रशिक्षकों ने कहा कि इस तरह की ट्रेनिंग से शिक्षक अब कक्षाओं में विज्ञान को बोझ नहीं, बल्कि मजेदार विषय बनाएंगे। कार्यशाला के अंत में सभी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र दिए गए और उन्हें स्कूलों में गतिविधियां लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
NEP 2020 का विजन: विज्ञान शिक्षा को रोचक और व्यावहारिक बनाना
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मुख्य लक्ष्य है कि
शिक्षा रट्टा मारने की बजाय समझने और करके सीखने पर आधारित हो।
डायट रुड़की की यह कार्यशाला इसी दिशा में एक कदम है। गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चे न
सिर्फ विज्ञान के सिद्धांत समझते हैं, बल्कि समस्या समाधान की क्षमता भी विकसित करते हैं।
रुड़की जैसे क्षेत्र में जहां ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के स्कूल हैं,
यह ट्रेनिंग सभी बच्चों को समान अवसर देगी। कार्यशाला से उम्मीद है कि
आने वाले समय में कक्षा 6-7 में विज्ञान विषय बच्चों का पसंदीदा विषय बनेगा।
