गोरखपुर के
गोरखपुर जिले के गजपुर इलाके में एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों को हमेशा के लिए उदास कर दिया। रविवार, 20 जनवरी 2026 की शाम को दो मोटरसाइकिलों के आमने-सामने टकराने से दो लोगों की मौके पर मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा NH-27 के पास गजपुर बाजार क्षेत्र में हुआ, जहां तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय लोगों और चश्मदीदों के अनुसार, दोनों बाइकें काफी तेज गति में चल रही थीं, जिसके कारण चालक संतुलन नहीं बना सके और सीधे टकरा गए।
हादसे की पूरी घटना
हादसा शाम करीब 6:30 बजे हुआ। एक बाइक पर सिसायल (गोरखपुर) निवासी हरेराम प्रजापति (55 वर्ष) सवार थे, जो घर की ओर लौट रहे थे। दूसरी बाइक पर देवरिया जिले के निबा गांव निवासी रामबहाल (उम्र लगभग 42 वर्ष) थे। दोनों बाइकें एक-दूसरे की ओर तेज रफ्तार से आ रही थीं। चश्मदीदों ने बताया कि गजपुर बाजार के पास सड़क पर कुछ दुकानें और वाहनों की आवाजाही के कारण विजिबिलिटी कम थी, लेकिन दोनों चालक तेज गति में थे। अचानक दोनों बाइकें सीधे टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइकें उछलकर सड़क पर गिर गईं और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। हरेराम प्रजापति और रामबहाल की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में एक बाइक पर सवार हरेराम के साथी (नाम अभी तक स्पष्ट नहीं) और रामबहाल के साथी को गंभीर चोटें आईं। दोनों को तुरंत बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही गजपुर पुलिस चौकी के प्रभारी और फोर्स मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने दोनों बाइकों को कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में स्पीडिंग और लापरवाही सामने आई है। दोनों चालकों के पास हेलमेट नहीं था, जो हादसे को और घातक बना गया। पुलिस ने FIR दर्ज की है और जांच जारी है। जांच में सड़क की स्थिति, साइनेज की कमी और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
हादसे के बाद गजपुर बाजार में शोक की लहर है। स्थानीय लोग सड़क पर तेज गति वाली बाइकों और
ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर नाराज हैं।
कई लोगों ने कहा कि इस सड़क पर रोजाना ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाता।
हरेराम प्रजापति एक गरीब परिवार से थे और खेती-बाड़ी करते थे,
जबकि रामबहाल मजदूरी करते थे। दोनों परिवारों में मातम पसरा है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा गोरखपुर में पिछले कुछ महीनों में हुई कई दुर्घटनाओं की कड़ी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि NH-27 और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक पुलिस की कमी,
स्पीड ब्रेकर न होना और हेलमेट अनिवार्यता के बावजूद नियमों की अनदेखी प्रमुख कारण हैं।
जिला प्रशासन ने घोषणा की है कि जल्द ही इस क्षेत्र में स्पीड गन और अधिक चेकिंग बढ़ाई जाएगी।