गोरखधाम सुपरफास्ट 9 घंटे देरी
गोरखपुर: जनवरी की कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा उत्तर भारत के रेल यातायात की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। विजिबिलिटी बेहद कम होने से ट्रेनों की रफ्तार थम गई है, जिससे लंबी दूरी की एक्सप्रेस के साथ-साथ लोकल पैसेंजर ट्रेनें भी घंटों देरी से चल रही हैं। यात्रियों को स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और ठंड में परेशानी दोगुनी हो गई है। मंगलवार (6 जनवरी 2026) को गोरखपुर जंक्शन पर कई ट्रेनें भारी विलंब से पहुंचीं, जिसमें गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस सबसे ज्यादा प्रभावित रही।
गोरखधाम एक्सप्रेस साढ़े 9 घंटे लेट
बठिंडा से गोरखपुर आने वाली गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12556) सुबह 10 बजे पहुंचने वाली थी, लेकिन घने कोहरे के कारण यह शाम 7:26 बजे जाकर गोरखपुर जंक्शन पहुंची। यानी पूरे साढ़े नौ घंटे की देरी। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में रेंगती हुई चली। कई स्टेशनों पर घंटों रुकना पड़ा।
यात्रियों की शिकायत है कि ट्रेन में गर्म पानी और खाने की व्यवस्था भी प्रभावित हुई। ठंड में इंतजार करते-करते कई यात्री बीमार पड़ गए। एक यात्री ने कहा, “कोहरे का बहाना हर साल, लेकिन रेलवे कोई स्थायी समाधान नहीं करता।”
अन्य ट्रेनें भी घंटों देरी से चलीं
गोरखधाम के अलावा कई अन्य ट्रेनें भी प्रभावित रहीं:
- नरकटियागंज-बढ़नी पैसेंजर ट्रेन: तीन घंटे से ज्यादा की देरी।
- ओखा-गोरखपुर एक्सप्रेस: लगभग तीन घंटे लेट।
- गोरखपुर से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जाने वाली कई ट्रेनें भी 2-5 घंटे देरी से रवाना हुईं।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, उत्तर रेलवे और उत्तर पूर्व रेलवे के कई सेक्शन में विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रही, इसलिए ट्रेनों की स्पीड 20-30 किमी/घंटा तक सीमित रखी गई।
कोहरे का रेल यातायात पर व्यापक असर
उत्तर भारत में घना कोहरा पिछले एक सप्ताह से जारी है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के रूट्स सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। रेलवे ने कोहरे में सुरक्षा के लिए कई उपाय किए हैं:
- फॉग सेफ्टी डिवाइस का इस्तेमाल।
- ट्रेनों में जीपीएस और सिग्नलिंग सिस्टम अपडेट।
- लेकिन फिर भी देरी से बचा नहीं जा रहा।
गोरखपुर जंक्शन पर रोजाना सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। स्टेशन पर अलाव जलाए गए हैं, लेकिन ठंड इतनी है कि यात्री कंबल ओढ़कर प्लेटफॉर्म पर सोते नजर आ रहे हैं।
यात्रियों के लिए सलाह और रेलवे की अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि:
- ट्रेन की स्थिति NTES ऐप या 139 पर चेक करें।
- जरूरी यात्रा ही करें।
- गर्म कपड़े और जरूरी दवाएं साथ रखें।
- स्टेशन पर पहले से पहुंचें, क्योंकि देरी की संभावना बनी हुई है।
IMD के अनुसार, अगले 48 घंटों तक कोहरा और घना रहेगा, इसलिए देरी जारी रह सकती है। 10 जनवरी के बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष: कोहरे में फंसा रेल सफर
घने कोहरे ने एक बार फिर रेल यात्रा को मुश्किल बना दिया है।
गोरखधाम एक्सप्रेस की साढ़े नौ घंटे की देरी ने यात्रियों की परेशानी को उजागर किया है।
रेलवे भले ही सुरक्षा के लिए स्पीड कम रख रहा हो,
लेकिन यात्रियों को होने वाली असुविधा का स्थायी समाधान जरूरी है। तकनीकी अपग्रेड जैसे ऑटोमेटिक सिग्नलिंग और
फॉग डिटेक्शन सिस्टम को और मजबूत करने की मांग लंबे समय से हो रही है।
यात्री सतर्क रहें और ट्रेन स्टेटस चेक करते रहें। उम्मीद है जल्द मौसम साफ होगा और सफर आसान हो जाएगा।