कौशाम्बी में कानपुर-प्रयागराज हाईवे
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में शुक्रवार को रामनवमी के अवसर पर एक भयानक सड़क दुर्घटना ने कई परिवारों को मातम में डुबो दिया। कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर डोरमा पेट्रोल पंप के समीप पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्राले से टकरा गया। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी मृतक और घायल फतेहपुर जिले के मलवां क्षेत्र के बड़ोखर गांव के निवासी हैं।
हादसे का विवरण
शुक्रवार दोपहर करीब पौने चार बजे यह दुर्घटना हुई। फतेहपुर के बड़ोखर गांव से करीब 25 लोग पिकअप में सवार होकर कौशाम्बी के बड़ोखर इलाके से कड़ा धाम (कड़ाधाम) स्थित मां शीतला देवी के दर्शन करने आए थे। दर्शन के बाद वापसी के समय तेज रफ्तार पिकअप वाहन सड़क किनारे खड़े ट्राले में पीछे से जोरदार टक्कर मार बैठा। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप के परखचे उड़ गए और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास का माहौल दहल गया।
पिकअप में महिलाएं और बच्चे भी सवार थे। रामनवमी के पावन अवसर पर श्रद्धालु मां शीतला का आशीर्वाद लेने निकले थे, लेकिन उनकी यह यात्रा दुखांत बन गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत इलाज के लिए कौशाम्बी के जिला अस्पताल और नजदीकी मेडिकल सुविधाओं में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के कारण
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने तेज रफ्तार और ड्राइवर की लापरवाही को मुख्य वजह बताया है। पिकअप वाहन ओवरलोड था और हाईवे पर खड़े ट्राले को देखते हुए भी ब्रेक लगाने में देरी हुई। हाईवे पर पार्किंग की अनियमितता और सड़क किनारे भारी वाहनों को खड़ा करने की आदत भी बार-बार हादसों का कारण बन रही है।
कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर ऐसे हादसे अक्सर होते रहते हैं क्योंकि यह मार्ग ट्रक और ट्रेलरों की भारी आवाजाही वाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर पार्किंग के लिए अलग जगह न होने और ओवरस्पीडिंग के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
राहत और बचाव कार्य
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, जबकि घायलों को बेहतर इलाज के लिए प्रयागराज या कानपुर रेफर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने प्रशासन को घायलों को हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। बड़ोखर गांव में मातम का माहौल है। कई परिवारों में एक से
ज्यादा सदस्य हादसे का शिकार हुए हैं। स्थानीय विधायक और
प्रशासनिक अधिकारी परिवारों से मिलकर सांत्वना दे रहे हैं और आर्थिक मदद की घोषणा की गई है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़ा करता है।
पिछले कुछ वर्षों में कौशाम्बी और आसपास के जिलों में पिकअप वाहनों से जुड़े हादसे आम हो गए हैं,
खासकर त्योहारों के मौसम में जब श्रद्धालु बड़े समूह में यात्रा करते हैं।
विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि:
- हाईवे पर भारी वाहनों की पार्किंग के लिए निर्धारित जगह बनाई जाए
- ओवरलोडिंग पर सख्ती बरती जाए
- स्पीड लिमिट का कड़ाई से पालन कराया जाए
- ड्राइवरों को ट्रेनिंग और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं
पुलिस ने पिकअप ड्राइवर (यदि जिंदा है) और ट्राले के
मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आगे की जांच में हादसे के सटीक कारण सामने आएंगे।
कौशाम्बी का यह दर्दनाक हादसा हमें सड़क सुरक्षा की अहमियत याद दिलाता है। त्योहारों के समय उत्साह में
अक्सर लापरवाही हो जाती है, जिसका भारी मूल्य चुकाना पड़ता है। सरकार और प्रशासन को
ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं कम हों।
प्रार्थना है कि घायल श्रद्धालु जल्द स्वस्थ हों और
ईश्वर शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति दे।
