माघ पूर्णिमा
माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
आज माघ पूर्णिमा है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान-दान कर पुण्य अर्जित करते हैं। गोरखपुर में रामगंगा, राप्ती और अन्य नदियों के घाटों पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। माघ पूर्णिमा को ‘माघी पूर्णिमा’ या ‘माघ पूर्णिमा’ के नाम से जाना जाता है और यह कुंभ मेले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी माना जाता है। इस दिन स्नान करने से पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है। गोरखपुर में शहर के विभिन्न घाटों पर विशेष पूजा-अर्चना और दान का आयोजन हो रहा है।
गोरखपुर में माघ पूर्णिमा का उत्सव
गोरखपुर में माघ पूर्णिमा का उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। रामगंगा घाट, राप्ती घाट, नौकाघाट और अन्य स्थानों पर हजारों श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे हैं। सुबह 4 बजे से ही घाटों पर भक्तों की कतारें लग गईं। लोग स्नान कर दान-पुण्य कर रहे हैं। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हो रही है और भक्त गंगा मईया की आरती में शामिल हो रहे हैं।
स्थानीय संगठनों और धार्मिक संस्थाओं ने घाटों पर लंगर, दान-पात्र और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की है। गरीब और जरूरतमंद लोगों को कंबल, कपड़े और भोजन वितरित किया जा रहा है। गोरखपुर के प्रमुख घाटों पर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व और मान्यताएं
माघ पूर्णिमा को हिंदू पंचांग में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन स्नान करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है, जिससे स्नान-दान का विशेष फल मिलता है। कई जगहों पर इस दिन को ‘माघी पूर्णिमा’ या ‘बसंत पंचमी’ से पहले का अंतिम पूर्णिमा उत्सव माना जाता है।
गोरखपुर में रामगंगा और राप्ती नदी में स्नान करने से विशेष पुण्य प्राप्ति की मान्यता है। श्रद्धालु सुबह स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देते हैं और दान-पुण्य करते हैं। कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं और शाम को पूर्णिमा की आरती में शामिल होते हैं।
घाटों पर विशेष व्यवस्था और सुरक्षा
गोरखपुर नगर निगम और जिला प्रशासन ने माघ पूर्णिमा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। घाटों पर लाइटिंग,
सफाई, चेंजिंग रूम, पीने का पानी और मेडिकल टीम तैनात की गई है।
पुलिस ने घाटों पर भारी बल तैनात किया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे स्नान के दौरान सावधानी बरतें और भीड़ में धक्का-मुक्की से बचें।
पवित्र स्नान-दान से मिलेगी शांति और पुण्य
माघ पूर्णिमा का दिन गोरखपुर में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का प्रतीक बन गया है।
पवित्र नदियों में स्नान-दान कर श्रद्धालु अपने पापों से मुक्ति और पुण्य की कामना कर रहे हैं।
यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है,
बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भावना को भी बढ़ावा देता है।
गोरखपुर में माघ पूर्णिमा का उत्सव शांति और भक्ति से भरा रहा।
सभी श्रद्धालुओं को माघ पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!