एटा में 21 वर्षीय संगीता
एटा जिले के मिरहची थाना क्षेत्र के गांव हिम्मतपुर बझेड़ा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मात्र 19 वर्ष की उम्र में शादी करने वाली 21 वर्षीय विवाहिता संगीता ने बृहस्पतिवार को अपने मायके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर लगातार प्रताड़ना और दहेज के लिए तनाव देने का आरोप लगाया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और दहेज उत्पीड़न की समस्या को एक बार फिर उजागर कर रही है।
घटना का विवरण: मायके में फांसी लगाकर दी जान
एटा के मिरहची थाना क्षेत्र के हिम्मतपुर बझेड़ा गांव में रहने वाली संगीता (21) ने अपने मायके में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। परिवार के सदस्यों ने जब उसे लटका देखा तो हड़कंप मच गया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है, लेकिन परिजनों का कहना है कि ससुराल में इस कदर प्रताड़ित किया गया कि मौत को गले लगाना पड़ा। संगीता की शादी मात्र दो साल पहले हुई थी, और इस दौरान ससुराल पक्ष द्वारा दहेज और अन्य मुद्दों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
ससुराल पर प्रताड़ना का आरोप: पति और परिवार जिम्मेदार?
परिजनों ने पति पर मुख्य रूप से प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही संगीता को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। दहेज की मांग, रोजमर्रा के झगड़े और अपमानजनक व्यवहार ने उसे इतना तोड़ दिया कि वह मायके में रहने लगी थी। परिजनों ने बताया कि संगीता ने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। अंत में उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और ससुराल पक्ष से पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो मौत की वजह और कोई अन्य संकेत स्पष्ट कर सकती है।
एटा में बढ़ती दहेज मौतें: समाज और पुलिस पर सवाल
उत्तर प्रदेश में दहेज प्रताड़ना से जुड़ी मौतें आम हो गई हैं।
एटा जिले में ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं,
जहां विवाहिताएं या तो आत्महत्या करती हैं या
संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई जाती हैं। यह मामला महिलाओं की सुरक्षा,
दहेज निषेध कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और परिवारों की जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
संगीता जैसी युवा लड़कियों की जिंदगी मात्र दो साल में खत्म हो जाना दुखद है।
पुलिस ने जांच तेज करने का आश्वासन दिया है, लेकिन पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है।
क्या सबक मिलेगा? दहेज मुक्त समाज की जरूरत
यह घटना समाज को झकझोरने वाली है। 19 साल की उम्र में शादी, फिर दो साल में मौत – यह दहेज और
घरेलू हिंसा की क्रूर सच्चाई दिखाती है। महिलाओं को प्रताड़ना से बचाने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई,
जागरूकता अभियान और परिवारों में संवाद की जरूरत है। संगीता के परिवार को न्याय मिले,
यही उम्मीद है। पुलिस जांच जारी है, और रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई होगी।
