गंगा एक्सप्रेसवे टोल दरों में तीन दिन में तीन बदलाव, क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे की टोल दरों को लेकर पिछले तीन दिनों में लगातार बदलाव देखने को मिला है। दरों को अंतिम रूप देने में देरी के कारण आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई।

तीन दिन में कैसे बदली टोल दरें

शुरुआत में कार, जीप और हल्के वाहनों के लिए टोल 1800 रुपये तय किया गया था। इसके बाद इसे संशोधित कर 1514 रुपये किया गया। फिर एक बार बदलाव करते हुए बृहस्पतिवार को टोल 1765 रुपये निर्धारित किया गया।

इस तरह तीन दिनों में तीन अलग-अलग दरें सामने आईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि नीति को अंतिम रूप देने में अभी असमंजस बना हुआ था।

प्रति किलोमीटर के हिसाब से दर

यूपीडा द्वारा जारी प्रारंभिक दरों के अनुसार कार, जीप और वैन के लिए टोल 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया था।

गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है, जिसके आधार पर कुल टोल 1514 रुपये निकलकर आया।

29 अप्रैल को फिर बदली दरें

उद्घाटन से ठीक पहले 29 अप्रैल को नई दरें जारी की गईं, जिसमें कार चालकों के लिए टोल 1800 रुपये तय किया गया। वहीं दोपहिया, तीन पहिया और ट्रैक्टर के लिए 905 रुपये टोल निर्धारित किया गया।

यह दरें एक्सप्रेसवे के पहले टोल प्लाजा से आखिरी टोल प्लाजा तक की एकल यात्रा पर लागू थीं।

30 अप्रैल को नई दरें लागू

30 अप्रैल को एक बार फिर टोल दरों में बदलाव किया गया। अब कार जैसे हल्के वाहनों के लिए टोल 1765 रुपये तय किया गया।

इसमें से 1365 रुपये Adani Enterprises को और 440 रुपये IRB Infrastructure को मिलने तय हुए हैं।

क्यों बना असमंजस

टोल दरों में लगातार बदलाव की मुख्य वजह यह रही कि यूपीडा अंतिम दरों को तय नहीं कर पाया था।

थोक मूल्य सूचकांक और अन्य आर्थिक कारकों के आधार पर दरों का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा था।

गंगा एक्सप्रेसवे का महत्व

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है।

इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल को किया गया।

यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ता है, जिससे यात्रा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।

आम लोगों पर असर

टोल दरों में बार-बार बदलाव से वाहन चालकों और यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनी रही।

हालांकि अब नई दर तय होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है।

गंगा एक्सप्रेसवे की टोल दरों में हुए बदलाव यह दर्शाते हैं कि इतनी बड़ी परियोजनाओं में

आर्थिक संतुलन बनाना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। अंतिम दर तय होने के बाद

अब यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के विकास और कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा।