संत कबीर नगर जिले में लंबे समय से लटका राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण का सपना अब हकीकत की ओर बढ़ रहा है। बस्ती-महराजगंज-चौरीचौरा त्रिवेणी मार्ग (BMCT हाईवे) के चौड़ीकरण के लिए मेंहदावल नगर सीमा से पेड़ों की कटाई और छंटाई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है। स्थानीय लोग इसे प्रोजेक्ट की ठोस शुरुआत मान रहे हैं। यह हाईवे संत कबीर नगर को बस्ती, महराजगंज, गोरखपुर और अन्य पूर्वांचल जिलों से जोड़ता है। खराब सड़क, संकरी चौड़ाई और ट्रैफिक जाम के कारण वर्षों से वाहन चालक, किसान, छात्र और व्यापारी परेशान थे। अब पेड़ कटाई शुरू होने से जनता में उत्साह और उम्मीद की लहर दौड़ गई है।
प्रोजेक्ट का बैकग्राउंड और स्वीकृति
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) तथा NHAI ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए दो वर्ष पूर्व 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की थी। यह प्रोजेक्ट 4-लेन चौड़ीकरण के साथ-साथ आवश्यक स्थानों पर बाईपास निर्माण, सर्विस रोड, जंक्शन इम्प्रूवमेंट और सेफ्टी फीचर्स को शामिल करता है। हाईवे की कुल लंबाई जिले में लगभग 55 किलोमीटर है, जो NH-233 या संबंधित NH नेटवर्क का हिस्सा है।
क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, पेड़ कटाई और भूमि अधिग्रहण से जुड़े कार्य पहले चरण में पूरे किए जा रहे हैं। पर्यावरण मंजूरी के बाद पेड़ों की कटाई शुरू हुई है, जिसमें सड़क किनारे के पुराने और बड़े पेड़ों को हटाया जा रहा है। कटाई के साथ नए पौधारोपण की योजना भी है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे।
स्थानीय लोगों की उम्मीदें और फायदे
मेंहदावल, खलीलाबाद, सेमरिया और आसपास के गांवों के निवासियों का कहना है कि चौड़ीकरण से ट्रैफिक जाम की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक, बसें, कारें और दोपहिया वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। संकरी सड़क पर होने वाली दुर्घटनाएं आम बात थीं। चौड़ीकरण के बाद:
- यात्रा समय में 30-40% की कमी आएगी।
- दुर्घटनाओं में कमी और सड़क सुरक्षा बढ़ेगी।
- किसान अपनी उपज (धान, गेहूं, सब्जियां, गन्ना) आसानी से मंडियों और बाजारों तक पहुंचा सकेंगे।
- व्यापारियों को माल ढुलाई में कम खर्च और समय लगेगा।
- छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए गोरखपुर, बस्ती और लखनऊ जाना आसान होगा।
- क्षेत्र में नए निवेश, होटल, ढाबे और छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय व्यापारी संघ और किसान संगठनों ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत का स्वागत किया है। कई लोगों का मानना है कि यह पूर्वांचल के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
कार्य की प्रगति और समयसीमा
वर्तमान में (जनवरी 2026) पेड़ कटाई और साफ-सफाई का काम तेजी से चल रहा है। अगले चरण में भूमि समतलीकरण, सर्वे और ठेकेदारों को कार्य आदेश जारी होने की उम्मीद है। पूरा चौड़ीकरण और बाईपास निर्माण 24-36 महीनों में पूरा होने की संभावना है, यानी 2028-29 तक। NHAI के अधिकारियों ने कहा है कि मौसम और अन्य बाधाओं के बावजूद प्रोजेक्ट समय पर पूरा किया जाएगा।
चुनौतियां और सुझाव
कुछ स्थानीय निवासियों ने पेड़ कटाई पर चिंता जताई है, इसलिए प्रशासन को बड़े पैमाने पर पौधारोपण और हरित
पट्टी विकसित करने की सलाह दी जा रही है। साथ ही,
निर्माण के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि जाम की समस्या और न बढ़े।
संत कबीर नगर का यह हाईवे चौड़ीकरण प्रोजेक्ट जिले के लिए
एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा। पेड़ कटाई की शुरुआत से
अब उम्मीदें हकीकत बनने की कगार पर हैं। ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाओं और आर्थिक पिछड़ेपन से जूझ रहे इस क्षेत्र को
अब बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षा और विकास का नया दौर मिलने वाला है।
स्थानीय लोग और प्रशासन दोनों मिलकर इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं