यह समाचार गोरखपुर जिले में हो रहे अवैध निर्माण और उससे जुड़ी कार्रवाई को लेकर है। खबर के अनुसार, राप्ती नदी के डूब क्षेत्र (फ्लड ज़ोन) में लगातार अवैध तरीके से मकान, दुकानें और यहाँ तक कि सरकारी अस्पताल तक बनाए जा रहे हैं। इस पूरे मामले पर अब प्रशासन की नज़र गई है और दस्तावेजों की जाँच शुरू कर दी गई है।
मुख्य बिंदु:
- एनडीए उपाध्यक्ष का आदेश
- गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष ने अवैध निर्माण को लेकर कड़ी कार्रवाई शुरू की है।
- उन्होंने अवैध निर्माणों को सील करने और ध्वस्तीकरण (तोड़फोड़) का आदेश दिया है।
- डूब क्षेत्र में निर्माण पर रोक
- शहर के डूब क्षेत्र में 2022 में ही निर्माण पर रोक लगाई गई थी।
- बावजूद इसके, यहाँ लगातार लोग मकान, दुकानें और अन्य निर्माण कराते रहे।
- यह निर्माण नदी की धारा और बाढ़ की स्थिति में खतरा पैदा कर सकते हैं।
- महायोजना-2031 का उल्लंघन
- शहर की महायोजना-2031 के अनुसार डूब क्षेत्र में किसी भी तरह का स्थायी निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- इसके बावजूद प्राधिकरण के भीतर और बाहर की मिलीभगत से निर्माण होते रहे।
- अब जीडीए की टीम जाँच कर रही है कि किनके दस्तावेजों के आधार पर यह निर्माण पास हुए।
- ऑक्सीजन प्लांट के लिए चिन्हित ज़मीन पर अवैध प्लॉटिंग
- यह भी खुलासा हुआ है कि डूब क्षेत्र में वह ज़मीन जो कोरोना काल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए सुरक्षित की गई थी, वहाँ अवैध तरीके से प्लॉट काटे जा रहे हैं।
- टीम ने वहाँ बुलडोज़र चलवाकर ज़मीन खाली कराई।
- ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
- जीडीए और प्रशासन की संयुक्त टीम ने कई जगहों पर जाकर निर्माण गिराए।
- इसमें अवैध ईंट-गारे से बने ढाँचे और दुकानों को बुलडोज़र से ढहा दिया गया।
- अधिकारियों का कहना है कि आगे भी लगातार ऐसे अवैध निर्माण पर कार्रवाई होगी।
- जाँच और दस्तावेज़ खंगालने की प्रक्रिया
- यह देखा जा रहा है कि निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई थी।
- यदि अवैध दस्तावेज़ या गलत तरीके से नक्शा पास किया गया है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
- जनता और स्थानीय लोगों की चिंता
- स्थानीय लोग लंबे समय से इस अवैध कब्ज़े और निर्माण का विरोध कर रहे थे।
- उनका कहना है कि डूब क्षेत्र में निर्माण से बाढ़ की स्थिति और भी विकट हो सकती है।
- अब प्रशासन की कार्रवाई से लोगों में उम्मीद जगी है कि क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा।
सारांश:
गोरखपुर में डूब क्षेत्र (फ्लड ज़ोन) में लगातार हो रहे अवैध निर्माण पर अब प्रशासन सख़्त हो गया है। जीडीए ने अवैध निर्माण को सील करने और ध्वस्त करने का आदेश दिया है। महायोजना-2031 में डूब क्षेत्र को निर्माणमुक्त घोषित किया गया है, बावजूद इसके यहाँ मकान-दुकान और यहाँ तक कि सरकारी अस्पताल भी बनाए जा रहे थे। अब दस्तावेज़ों की गहन जाँच होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है