गीताप्रेस
गीताप्रेस, जो गोरखपुर में स्थित भारत की सबसे बड़ी धार्मिक पुस्तक प्रकाशन संस्था है, अब नेपाल में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। संस्था ने नेपाल के विराटनगर में अपनी दूसरी फ्रेंचाइजी शुरू करने का ऐलान किया है। यह फ्रेंचाइजी मात्र 4 महीनों में पूरी तरह तैयार हो जाएगी और वहां से गीताप्रेस की सभी प्रमुख पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
विराटनगर में गीताप्रेस फ्रेंचाइजी की खासियतें
- भाषाएं: हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और नेपाली में पुस्तकें उपलब्ध होंगी।
- पुस्तकें: श्रीमद्भगवद्गीता (सार्थ, टीका सहित), रामचरितमानस, दुर्गा सप्तशती, हनुमान चालीसा, भगवत पुराण, शिव पुराण, विष्णु सहस्रनाम, अन्य धार्मिक ग्रंथ और बाल साहित्य।
- उद्देश्य: नेपाल में रहने वाले हिंदी, नेपाली और संस्कृत भाषी पाठकों को मूल गीताप्रेस संस्करण आसानी से उपलब्ध कराना।
- समय सीमा: फ्रेंचाइजी की पूरी तैयारी और उद्घाटन 4 महीनों के अंदर पूरा हो जाएगा।
गीताप्रेस का नेपाल में विस्तार क्यों महत्वपूर्ण?
गीताप्रेस की पुस्तकें भारत के साथ-साथ नेपाल, भूटान, मॉरीशस और अन्य देशों में बहुत लोकप्रिय हैं। नेपाल में हिंदू धर्म और संस्कृति का गहरा प्रभाव है, इसलिए विराटनगर जैसे महत्वपूर्ण शहर में गीताप्रेस की आधिकारिक फ्रेंचाइजी से लाखों पाठकों को लाभ मिलेगा।
विराटनगर नेपाल का एक प्रमुख व्यावसायिक और सांस्कृतिक केंद्र है। यहां से आसानी से मोरंग, सुनसरी, झापा और अन्य पूर्वी जिलों तक पुस्तकें पहुंचाई जा सकेंगी। नेपाली भाषा में गीता प्रेस की पुस्तकें उपलब्ध होने से स्थानीय भाषी पाठकों को विशेष सुविधा मिलेगी।
गीताप्रेस की पहली फ्रेंचाइजी कहां है?
गीताप्रेस ने भारत के बाहर अपनी पहली फ्रेंचाइजी नेपाल के ही किसी अन्य शहर में स्थापित की थी।
अब विराटनगर में दूसरी फ्रेंचाइजी से संस्था का नेपाल में विस्तार और मजबूत हो जाएगा।
पाठकों के लिए अच्छी खबर
- पुस्तकें मूल मूल्य पर उपलब्ध होंगी (कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं)
- गीताप्रेस की विश्वसनीयता और गुणवत्ता बरकरार रहेगी
- नेपाली में गीता, रामचरितमानस और अन्य ग्रंथों की मांग को पूरा करेगा
गीताप्रेस के इस कदम से नेपाल में धार्मिक और आध्यात्मिक साहित्य का प्रसार और बढ़ेगा।
4 महीने बाद विराटनगर में गीताप्रेस का यह नया केंद्र लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनेगा।