कंपकंपाती ठंड में ब्रेन स्ट्रोक
उत्तर प्रदेश में सर्दी का कहर जारी है। कंपकंपाती ठंड और शीतलहर ने ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ा दिया है। विशेष रूप से उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड में ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और स्ट्रोक का जोखिम कई गुना हो जाता है। हाल के दिनों में अस्पतालों में स्ट्रोक के मामले बढ़े हैं। यह खतरा बुजुर्गों और हृदय रोगियों के लिए ज्यादा है। ठंड में शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे ब्रेन में ब्लड सप्लाई बाधित हो सकती है। यह समस्या पूरे यूपी में देखी जा रही है, जहां तापमान लगातार गिर रहा है। डॉक्टर मरीजों को गर्म कपड़े, नियमित दवा और सावधानी की सलाह दे रहे हैं।
ठंड में ब्रेन स्ट्रोक क्यों बढ़ता है
सर्दी में ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ने के मुख्य कारण:
- ठंड से ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं।
- ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो जाता है।
- ब्लड गाढ़ा होने से क्लॉट का खतरा।
- शरीर पर अतिरिक्त तनाव।
- हाई बीपी मरीजों में जोखिम दोगुना।
डॉक्टरों ने कहा कि ठंड में स्ट्रोक के 30% मामले बढ़ जाते हैं।
उच्च रक्तचाप मरीजों के लिए खतरा
हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज सबसे ज्यादा जोखिम में:
- ठंड में प्रेशर अचानक बढ़ता है।
- दवा का असर कम हो सकता है।
- सुबह के समय खतरा ज्यादा।
- बुजुर्ग और डायबिटीज मरीज प्रभावित।
- लक्षण नजरअंदाज करने से गंभीर।
मरीजों को नियमित चेकअप कराना चाहिए।
लक्षण: समय पर पहचानें
ब्रेन स्ट्रोक के मुख्य लक्षण:
- अचानक सिरदर्द।
- चेहरा टेढ़ा होना।
- हाथ-पैर में कमजोरी।
- बोलने में दिक्कत।
- चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना।
- बेहोशी या कमजोरी।
लक्षण दिखते ही अस्पताल जाएं।
बचाव के टिप्स: ठंड में सतर्क रहें
ठंड से बचाव के लिए:
- गर्म कपड़े पहनें, लेयरिंग करें।
- ब्लड प्रेशर नियमित चेक करें।
- दवा समय पर लें।
- गर्म पानी पिएं, ठंडा पानी अवॉइड।
- व्यायाम करें, लेकिन ज्यादा नहीं।
- तनाव कम करें।
- धूम्रपान और शराब से दूर रहें।
- डॉक्टर से सलाह लें।