कानपुर से रंगा लाल आलू फिर पकड़ा गया है। इस बार करीब 200 बार बरामद हुआ है। महेवा मंडी में हाल में रंगा आलू उतारने वाले कई मजदूर बीमार पड़ गए थे। खाद सुरक्षा विभाग की टीम ने सैकड़ों बोरे रंगे आलू पकड़े और सैंपल जांच के लिए भेजे। विभाग के अनुसार यह आलू लाल रंग में रंगा हुआ था, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।घटना का विवरणगोरखपुर खाद सुरक्षा विभाग की टीम ने रविवार को महेवा मंडी में कानपुर के विक्रेता के पास रंगा आलू बरामद किया। सूचना के बाद विभाग ने मंडी में गोदाम के पास जांच कर पांच ट्रक से करीब 200 बोरे रंगा आलू पकड़ा। रंगा आलू का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि पिछली बार ऐसे आलू उतारने के बाद कई मजदूर बीमार हो गए थे।स्वास्थ्य संबंधी खतरेडॉ. अनुरुद्ध सिंह के अनुसार लाल रंग में मिला नकली तत्व लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे आलू खाने से सिर दर्द, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, कमजोरी, और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बाजार में आलू खरीदते समय सतर्क रहें।उपभोक्ताओं के लिए सावधानीखाद सुरक्षा विभाग ने कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं:कटे या रंगे हुए आलू न खरीदें।बाजार में संदिग्ध आलू की सूचना विभाग को दें।पैकिंग और रंग पर विशेष ध्यान दें।मंडी में कार्रवाईमहेवा सब्जी मंडी में आलू की सीलिंग कर रहे विभाग के अधिकारी सक्रिय हैं और लगातार छापेमारी जारी है। मंडी अध्यक्ष के अनुसार रंगा आलू की बिक्री रोकने के लिए सभी उचित कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले सप्ताह भी ऐसी ही कार्रवाई हुई थी और सैंपल जांच में नकली रंग की पुष्टि हुई थी।यह घटना उपभोक्ताओं को जागरूक करने का प्रयास है कि खाने की चीजों में रंग मिलाने से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। हमेशा ताजा और असली सब्जी ही खरीदें और किसी भी संदिग्ध चीज की सूचना विभाग को जरूर दें।
