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रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी के अपहरण की गुत्थी सुलझी, तीन हिरासत
गोरखपुर – रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल के अपहरण का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले में यह सामने आया कि व्यापार में हुए घाटे को पूरा करने के लिए उनके ही पड़ोसी ने अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।
अपहरण की वजह – व्यापार में घाटा
जानकारी के अनुसार, अशोक जायसवाल के पड़ोसी प्रदीप का व्यापार लगातार घाटे में चल रहा था। इसी कारण उसने अपने परिचितों कासिमुद्दीन और अमनमुद्दीन के साथ मिलकर अशोक का अपहरण करने की योजना बनाई।
कासिमुद्दीन और अमनमुद्दीन को प्रदीप ने आश्वासन दिया था कि अशोक को अगवा कर फिरौती की रकम वसूली जाएगी, जिससे व्यापार का नुकसान पूरा हो सके।
अपहरण की पूरी योजना
प्रदीप ने अशोक की गतिविधियों और उनके घर से अस्पताल तक आने-जाने की पूरी जानकारी जुटा ली थी। इतना ही नहीं, उसने अस्पताल और घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के एक्सेस भी हासिल कर लिए थे। यही कारण था कि अपहरणकर्ताओं को अशोक की हर गतिविधि की सटीक जानकारी मिलती रही और वे सही समय पर उन्हें अगवा करने में सफल हो गए।
पुलिस की जांच और खुलासा
24 अगस्त को जब अशोक का अपहरण हुआ, तब से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
पुलिस को जांच के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे, जिनके आधार पर प्रदीप और उसके साथियों तक पहुंचा गया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी और व्यापार में हुए नुकसान की वजह से ही उन्होंने अशोक का अपहरण करने की योजना बनाई थी।
परिवार की भावुकता
अशोक जायसवाल बदमाशों के चंगुल से मुक्त होने के बाद जब परिवार से मिले तो घर का माहौल भावुक हो गया। परिवार के लोग अशोक को सुरक्षित पाकर गले लगकर रो पड़े।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने फिलहाल तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जल्द ही इस पूरे मामले का पर्दाफाश आधिकारिक रूप से किया जाएगा और अन्य शामिल लोगों की भी तलाश की जाएगी।
👉 इस खबर से साफ है कि लालच और आर्थिक तंगी इंसान को अपराध की राह पर धकेल देती है। अपहरण जैसा गंभीर अपराध करने वाले अपने ही पड़ोसी निकले, जिससे यह मामला और भी चौंकाने वाला हो गया।