रमजान अलविदा जुमा के साथ विदा
गोरखपुर में माह-ए-रमजान का आखिरी दिन शुक्रवार को जुमा अलविदा के साथ पूरा हो रहा है। बृहस्पतिवार शाम को ईद का चांद नजर नहीं आया, जिसके कारण ईद-उल-फित्र अब शनिवार 21 मार्च को मनाई जाएगी। शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शुक्रवार को 30वां रोजा रखा जाएगा और रमजान का आखिरी जुमा की नमाज अदा की जाएगी।
चांद नजर न आने से बदला ईद का कार्यक्रम
शहर और आसपास के इलाकों में लोग शाम से ही आसमान की ओर टकटकी लगाए चांद तलाशते रहे। साफ मौसम के बावजूद कहीं भी चांद नहीं दिखा। चांद दिखने की उम्मीद में कई जगहों पर चांद देखने के कमेटी भी सक्रिय थीं, लेकिन नतीजा नकारात्मक रहा। काजी साहब ने कहा कि सऊदी अरब सहित अन्य देशों में भी चांद नजर न आने की सूचना मिली है, इसलिए भारत में भी ईद 21 मार्च को ही मनाई जाएगी।
ईद से पहले बाजारों में चांद रात जैसा माहौल
ईद की तैयारियों ने शहर को रौनक से भर दिया। शुक्रवार को जुमा अलविदा और ईद की खरीदारी के लिए शाम से ही गोलघर, उर्दू बाजार, रेती चौक, अलीनगर सहित प्रमुख बाजारों में जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहा।
- कपड़े, जूते, इत्र, टोपी और सेवइयों की दुकानों पर भारी भीड़
- युवाओं और बच्चों ने नए कपड़ों की खरीदारी में जमकर हिस्सा लिया
- महिलाओं ने चूड़ी, मेहंदी, कॉस्मेटिक और अन्य सजावटी सामान पर जमकर खर्च किया
- सेवइयों की दुकानों पर लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं
दुकानदारों के चेहरे भी बिक्री बढ़ने से खिले नजर आए। उनका कहना है कि इस बार ईद से पहले का बाजार उम्मीद से कहीं ज्यादा अच्छा रहा और कारोबार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। हर तरफ रोशनी, उत्साह और खुशियों का माहौल छाया रहा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, पुलिस-प्रशासन मुस्तैद
भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने बाजारों में अतिरिक्त बल तैनात किया। प्रमुख चौराहों और बाजारों में
पुलिसकर्मी तैनात रहे। ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग और डायवर्जन किए गए।
लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पूरी मुस्तैदी बरती गई।
ईद-उल-फित्र की बधाई! सभी को खुशियां, अमन और सेहत की दुआएं। ईद मुबारक!
अधिक अपडेट के लिए स्थानीय मस्जिद कमेटी या गोरखपुर पुलिस की जानकारी पर नजर रखें।
