उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक बेहद दर्दनाक और लापरवाही भरी सड़क दुर्घटना ने तीन युवकों की जान ले ली। हादसे की वजह बेहद चौंकाने वाली है – चालक ने गुटखा थूकने के लिए तेज रफ्तार में चलती स्कॉर्पियो का दरवाजा (फाटक) खोल दिया, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया और पैदल चल रहे तीन दोस्तों को रौंद दिया। यह घटना एनएच-28 पर हुई, जहां लोग आमतौर पर सुबह टहलने निकलते हैं।
हादसे का पूरा विवरण
जानकारी के अनुसार, कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र में एनएच-28 के फोरलेन हिस्से पर तीन युवक – अमन भारती (19), अंशु गुप्ता (19) और साहिल पटेल (18) – सुबह टहलने निकले थे। वे घर से निकलकर सड़क किनारे चल रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार महिंद्रा स्कॉर्पियो (बिहार नंबर प्लेट वाली) ने उन्हें चपेट में ले लिया।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक ने गुटखा थूकने के लिए अचानक ड्राइवर साइड का दरवाजा खोल दिया। उच्च गति (संभावित 80-100 किमी/घंटा) के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया, वह सड़क पर डगमगाया और पैदल यात्रियों की ओर मुड़ गया। तीनों युवक मौके पर ही घायल हो गए और अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद स्कॉर्पियो में सवार चालक और अन्य लोग वाहन छोड़कर फरार हो गए। मौके पर इकट्ठा हुए लोगों ने गुस्से में कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने बाद में वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
पुलिस जांच और कार्रवाई
कसया थाना प्रभारी गिरिजेश उपाध्याय ने बताया कि दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हुई है। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। चालक के खिलाफ लापरवाही से मौत का कारण बनने (IPC 304A) और फरार होने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। पुलिस फरार चालक की तलाश में छापेमारी कर रही है। जांच में गुटखा थूकने की वजह से अनियंत्रित होने की बात सामने आई है, जो सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हुआ।
सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह हादसा एक बार फिर ड्राइविंग के दौरान लापरवाही के खतरों को उजागर करता है।
गुटखा, पान या सिगरेट थूकने के लिए दरवाजा खोलना,
फोन पर बात करना या अन्य छोटी-छोटी लापरवाहियां हजारों जिंदगियां छीन रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च गति में ऐसा करना वाहन को असंतुलित कर देता है,
जिससे नियंत्रण खोने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
कुशीनगर में पिछले कुछ वर्षों में सड़क हादसे बढ़े हैं। प्रशासन ने सख्ती बरतने की बात कही है,
लेकिन लोगों को खुद जागरूक होने की जरूरत है।
ड्राइविंग के दौरान सीट बेल्ट, स्पीड लिमिट और ध्यान केंद्रित रखना जरूरी है।
लापरवाही की कीमत जान से ज्यादा
यह दुर्घटना सिर्फ तीन परिवारों की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है।
गुटखा थूकने जैसी छोटी सी लापरवाही ने तीन युवा जिंदगियां छीन लीं। सड़क पर निकलते समय हमेशा सतर्क रहें,
क्योंकि एक पल की गलती जिंदगी भर का दर्द दे सकती है।
पुलिस जांच जारी है, उम्मीद है कि दोषी जल्द पकड़े जाएंगे और न्याय मिलेगा।