प्रशासन की कार्रवाई से राहत
गोरखपुर में लंबे समय से चल रहा चर्चित जमीन विवाद आखिरकार खत्म हो गया। पूर्व विधायक स्व. केदार सिंह की प्रतिमा को विवादित जगह से हटाकर बगल में स्थापित कर दिया गया। 13 दिसंबर 2025 को प्रशासन ने यह कार्रवाई की। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रतिमा को हटाने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में राहत है। यह विवाद कई सालों से चल रहा था, जिसमें जमीन पर कब्जे का आरोप लग रहा था। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में शांति बहाल हुई है। यह घटना गोरखपुर में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और प्रतिमा स्थापना के मुद्दे पर नई बहस छेड़ रही है। इस ब्लॉग में हम इस विवाद की पूरी कहानी, प्रतिमा हटाने की कार्रवाई, परिवार की प्रतिक्रिया और प्रशासन के निर्देश बताएंगे। यदि आप गोरखपुर या पूर्वांचल में रहते हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए महत्वपूर्ण हैं।
विवाद का पूरा इतिहास: प्रतिमा पर कब्जे का आरोप
विवाद गोरखपुर के एक प्रमुख चौराहे पर बनी स्व. केदार सिंह की प्रतिमा को लेकर था। केदार सिंह पूर्व विधायक थे और उनका निधन 2015 में हुआ था। प्रतिमा 2016 में स्थापित की गई थी। लेकिन कुछ स्थानीय लोगों और प्रशासन ने आरोप लगाया कि प्रतिमा सरकारी जमीन पर बनाई गई है और इससे ट्रैफिक जाम होता है। परिवार का कहना था कि प्रतिमा जनता की श्रद्धांजलि है। विवाद कई सालों से कोर्ट में था।
प्रशासन की कार्रवाई: प्रतिमा हटाकर बगल में स्थापित
13 दिसंबर को प्रशासन ने बड़ी टीम के साथ कार्रवाई की। मुख्य बिंदु:
- प्रतिमा को क्रेन से हटाया गया।
- बगल में ही नई जगह पर स्थापित किया गया।
- कोई विरोध या हंगामा नहीं हुआ।
- ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखी गई।
- DM और SSP मौके पर मौजूद रहे।
DM ने कहा, “विवाद खत्म हो गया। प्रतिमा सम्मानजनक जगह पर स्थापित की गई है।”
परिवार की प्रतिक्रिया: राहत लेकिन दुख
स्व. केदार सिंह के परिवार ने कार्रवाई का स्वागत किया। बेटे ने कहा, “
प्रतिमा हटाई गई, लेकिन सम्मान के साथ बगल में लगाई गई। हम संतुष्ट हैं।” परिवार ने प्रशासन को धन्यवाद दिया।
स्थानीय लोगों की राय: ट्रैफिक जाम से राहत
चौराहे के आसपास के लोगों ने कहा, “प्रतिमा से ट्रैफिक जाम होता था। अब राहत मिलेगी।” व्यापारियों ने कहा, “विवाद खत्म होने से इलाके में शांति आएगी।”