भारत में “वन नेशन, वन पेंशन” यानी “एक राष्ट्र, एक पेंशन” की अवधारणा अभी तक किसी राष्ट्रीय कानून के रूप में लागू नहीं हुई है, लेकिन केंद्र सरकार और विभिन्न संस्थानों द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं जिससे यह व्यवस्था व्यवहारिक रूप से लागू हो सके
वर्तमान स्थिति
अक्टूबर 2025 तक भारत में “वन नेशन वन पेंशन” मुख्य रूप से सुविधा आधारित पहल के तौर पर काम कर रही है। इसके अंतर्गत पेंशनधारक अब देश के किसी भी बैंक शाखा से पेंशन निकाल सकते हैं, चाहे उनका पेंशन खाता किसी भी राज्य में हो। यह आधार-आधारित सत्यापन और मोबाइल ओटीपी प्रणाली पर आधारित है, जिससे बुजुर्गों को लंबी दूरी तय करने की कठिनाई नहीं होती और फर्जीवाड़ा भी रुकता है
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS)
2025 में केंद्र सरकार ने Unified Pension Scheme (UPS) शुरू की है, जो “वन नेशन वन पेंशन” के सिद्धांत की दिशा में बड़ा कदम है। UPS का उद्देश्य एकीकृत पेंशन संरचना बनाना है जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और पुरानी पेंशन योजना (OPS) दोनों के तत्वों को जोड़ता है, ताकि सभी सरकारी कर्मचारियों को समान वित्तीय सुरक्षा दी जा सके । UPS को 1 अप्रैल 2025 से लागू किया गया है और कर्मचारी 30 सितंबर 2025 तक इसमें शामिल हो सकते हैं
ओल्ड पेंशन स्कीम बनाम नई पहलें
पहले भारत में पेंशन व्यवस्था राज्य और केंद्र स्तर पर अलग-अलग थी — पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) में सरकारी योगदान था जबकि NPS बाज़ार आधारित थी। “वन नेशन वन पेंशन” का लक्ष्य इन भिन्नताओं को समाप्त कर एक समान और पारदर्शी पेंशन प्रणाली बनाना है, जिसमें सरकारी व निजी दोनों कर्मचारियों को एकीकृत लाभ मिले
कानूनी स्थिति
अब तक “वन नेशन वन पेंशन” पर संसद में कोई औपचारिक कानून पारित नहीं हुआ है, लेकिन नीति-निर्माण के स्तर पर सरकार इसे सामाजिक सुरक्षा सुधार के रूप में आगे बढ़ा रही है। क़ानून बनने की दिशा में वित्त मंत्रालय और पेंशन फंड नियामक (PFRDA) प्रक्रियाएँ तय कर रहे हैं।
निष्कर्ष
वन नेशन वन पेंशन” का उद्देश्य भारत में एक समान, पारदर्शी और सुलभ पेंशन व्यवस्था स्थापित करना है, जिससे हर नागरिक को अपनी सेवा के अनुसार पेंशन का उचित अधिकार मिले। आने वाले समय में इसके लिए एक राष्ट्रीय कानून बनने की संभावना है, जो UPS जैसे कदमों को कानूनी रूप देगा