बिजनौर जिले के नगीना क्षेत्र में रविवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई जब बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक ऑटो मैकेनिक को गोली मारकर उसकी नकदी और मोबाइल लूट लिया। घायल मैकेनिक की चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो बदमाश अपनी लग्जरी कार (फॉर्च्यूनर) में भागने लगे। गुस्साई भीड़ ने बदमाशों का पीछा किया, कार को घेर लिया और लाठी-डंडों से कांच तोड़कर पूरी गाड़ी को पास की नहर में धकेल दिया। पूरी घटना CCTV और लोगों के मोबाइल में कैद हो गई है, जो सोमवार सुबह से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
घटना कैसे हुई?
नगीना कोतवाली क्षेत्र के गांव कोटखेड़ी के रहने वाले 32 वर्षीय ऑटो मैकेनिक सचिन कुमार रविवार रात करीब 10:30 बजे अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। नगीना-नजीबाबाद मार्ग पर एक सुनसान जगह पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रोका। विरोध करने पर बदमाशों ने सचिन की दाहिनी जांघ में गोली मार दी और उनकी जेब से करीब 18 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और कुछ जरूरी कागजात लूटकर फरार हो गए।
गोली की आवाज सुनकर पास के ढाबे और घरों से लोग बाहर निकले। इसी दौरान लुटेरों की सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार मौके पर पहुंची। लुटेरे बाइक छोड़कर कार में बैठकर भागने लगे। गुस्साए ग्रामीणों ने रास्ता रोक लिया। बदमाशों ने कार तेज भगाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने लाठी-डंडे और पत्थर मारकर कार के सारे कांच तोड़ दिए। इसके बाद लोगों ने गाड़ी को पास की एक गहरी नहर में धकेल दिया। कार नहर में पूरी तरह डूब गई।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, फॉर्च्यूनर बरामद
सूचना मिलते ही नगीना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया गया। घायल सचिन को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकीed उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
पुलिस ने तुरंत छानबीन शुरू की। नहर से फॉर्च्यूनर को क्रेन की मदद से बाहर निकलवाया गया। गाड़ी की तलाशी में लूटा हुआ एक मोबाइल और नकदी का कुछ हिस्सा बरामद हुआ। सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी के नंबर से पुलिस ने तीनों आरोपियों को 6 घंटे के अंदर धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपी:
- शाहरुख उर्फ शाहरू (25) – नजीबाबाद का रहने वाला, मुख्य शूटर
- साजिद (28) – नगीना क्षेत्र का कुख्यात लुटेरा
- आसिफ (30) – फॉर्च्यूनर कार का मालिक, पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के पास से तमंचा, जिंदा कारतूस और लूट का दूसरा मोबाइल भी बरामद किया है।
तीनों पर लूट, हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।
भीड़ की गुंडागर्दी या इंसाफ?
घटना के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
एक पक्ष भीड़ के इस कदम को “जनता का इंसाफ”
बता रहा है तो दूसरा पक्ष इसे “गुंडागर्दी” और कानून अपने हाथ में लेने का मामला बता रहा है।
पुलिस ने साफ किया है कि कार को नहर में
फेंकने वालों के खिलाफ भी अलग से मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
नगीना कोतवाली प्रभारी ने कहा, “लोगों का गुस्सा समझ में आता है, लेकिन कानून अपने हाथ में लेना गलत है।
हमने 6 घंटे में सभी आरोपियों को पकड़ लिया। कार को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान की जा रही है।”
सचिन की हालत स्थिर, परिजनों में गुस्सा
अस्पताल में भर्ती सचिन ने बताया, “मैंने सिर्फ अपना बैग बचाने की कोशिश की थी, उन्होंने सीधे गोली मार दी।”
परिजनों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
घटना के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसपी बिजनौर ने कहा है कि लूट की ऐसी वारदातों
पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा।
