भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर
होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर भारत-ईरान के बीच बातचीत
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों के आवागमन को लेकर भारत और ईरान के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि ईरान के साथ सीधे संवाद के कारण भारतीय झंडे वाले जहाज़ों को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने में मदद मिली है।
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि हाल ही में हुई बातचीत के बाद दो भारतीय गैस टैंकर फारस की खाड़ी में स्थित होर्मुज़ स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजर पाए। यह बयान ऐसे समय आया है जब इस समुद्री मार्ग को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी हुई है।
ट्रंप की अपील के बीच आया बयान
यह बयान उस समय सामने आया है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों से इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को खुला रखने के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की है।
होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। यदि इस मार्ग में किसी तरह की बाधा आती है तो इसका असर पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
दो भारतीय गैस टैंकर सुरक्षित गुजरे
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत और ईरान के बीच हुई बातचीत के बाद शनिवार को भारतीय झंडे वाले दो लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजर पाए।
उन्होंने कहा, “मैं फिलहाल ईरान के साथ बातचीत कर रहा हूं और इस बातचीत के कुछ सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।” यह कदम भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्गों के जरिए ही आयात करता है।
कोई स्थायी समझौता नहीं
हालांकि विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में भारत और ईरान के बीच कोई स्थायी या औपचारिक समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय जहाज़ों को गुजरने देने के बदले ईरान को भारत की ओर से कुछ नहीं दिया गया है।
इससे संकेत मिलता है कि यह व्यवस्था फिलहाल आपसी बातचीत और भरोसे के आधार पर बनाई गई है।
ईरान ने भी दी कई टैंकरों को अनुमति
उसी दिन जब भारतीय टैंकरों के सुरक्षित गुजरने की खबर सामने आई, उसी समय ईरानी अधिकारियों ने
यह भी घोषणा की कि ईरानी तेल से लदे कई अन्य टैंकरों को भी गुजरने की अनुमति दी गई है।
बीबीसी पर्शियन की रिपोर्ट के अनुसार इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की
नौसेना के कमांडर अलीरेज़ा तंगसीरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा किया।
उन्होंने लिखा कि समुद्र में ईरानी नौसेना की कार्रवाई के कारण
ईरानी तेल ले जा रहे कई टैंकरों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिली है।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है होर्मुज़ स्ट्रेट
होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग माना जाता है। इस समुद्री रास्ते से
हर दिन लाखों बैरल तेल और गैस की आपूर्ति होती है। खाड़ी देशों से एशिया,
यूरोप और अन्य देशों को जाने वाली ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।
यदि इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है या जहाज़ों की आवाजाही प्रभावित होती है तो
इसका सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
भारत और ईरान के बीच हुई बातचीत के बाद भारतीय गैस टैंकरों का सुरक्षित रूप से
होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरना एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है।
हालांकि यह कोई स्थायी समझौता नहीं है, लेकिन इससे यह संकेत मिलता है कि संवाद और
कूटनीति के जरिए इस तरह के संवेदनशील मुद्दों का समाधान निकाला जा सकता है।
आने वाले समय में मध्य-पूर्व की स्थिति और वैश्विक ऊर्जा बाजार की दिशा पर भी सबकी नजर बनी रहेगी।
