आज के अंधेरे का हिसाब, 2047 के चिराग से? बजट की हकीकत और जनता की उम्मीदें
साथियों, जय भीम, जय निषाद राज! आज के बजट ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकार के पास ‘आज’ की समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं है। जब जनता महंगाई, बेरोजगारी और अपनी डूबती आजीविका का हिसाब मांगती है, तो सरकार 2047 का झुनझुना थमा देती है। यह बजट कोई विजन नहीं … Read more