गोरखपुर शहर में स्वच्छ भारत मिशन को नई गति देने के लिए 2026 में एक अनूठा स्वच्छता महा-अभियान आयोजित किया गया। सूरजकुंड पोखरा परिसर में निशा किन्नर, नगर निगम गोरखपुर की ब्रांड एंबेसडर के नेतृत्व में “नारी शक्ति का संकल्प – स्वच्छ होगा गोरखपुर का हर कोना!” का नारा गूंजा। सैकड़ों महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और साबित कर दिया कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में नारी शक्ति की भूमिका अतुलनीय है। यह अभियान न केवल सफाई का प्रतीक बना, बल्कि महिलाओं की एकजुटता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्सव भी साबित हुआ।
स्वच्छता महा-अभियान का शुभारंभ: नारी शक्ति की प्रेरणादायक पहल
नगर निगम गोरखपुर द्वारा संचालित इस महा-अभियान का शुभारंभ सुबह 8 बजे सूरजकुंड पोखरा परिसर से हुआ। गोरखपुर का यह प्रमुख पर्यटन और पिकनिक स्पॉट प्लास्टिक कचरे से अटा पड़ा था। निशा किन्नर ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “महिलाएं घर की सफाई करती हैं, तो शहर को भी स्वच्छ बनाने में सक्षम हैं।” हाथों में झाड़ू, बोरे, दस्ताने और कचरा बैग लेकर गृहिणियां, छात्राएं, सरकारी कर्मचारी और ट्रांसजेंडर महिलाएं एक साथ उतरीं। लोकल एनजीओ जैसे ग्रीन अर्थ फाउंडेशन और वुमन एम्पावरमेंट सोसाइटी ने सक्रिय सहयोग दिया। अभियान में महिलाओं ने न केवल कचरा इकट्ठा किया, बल्कि स्थानीय लोगों को स्वच्छता के नारे भी दिए। “हर कोना स्वच्छ, गोरखपुर हरा-भरा” जैसे स्लोगन से पूरा परिसर गूंज उठा।

महिलाओं की भूमिका: स्वच्छता में नारी शक्ति का योगदान
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत महिलाओं की भारी भागीदारी रही। लगभग 160 किलो प्लास्टिक कचरा एकत्रित हुआ, जिसमें पॉलीथीन बैग्स, बोतलें, पैकेटिंग सामग्री और अन्य प्लास्टिक आइटम प्रमुख थे। एकत्रित कचरे को वैज्ञानिक तरीके से रिसाइक्लिंग प्लांट भेजा गया। महिलाओं ने परिवार के साथ मिलकर काम किया, जिससे बच्चों में भी स्वच्छता की आदत डाली गई। कई महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे दैनिक जीवन में रीयूजेबल बैग्स का इस्तेमाल करेंगी और प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाएंगी। सूरजकुंड पोखरा झील के किनारे प्लास्टिक प्रदूषण कम होने से जल जीवन को भी बचाया जा सकेगा। नगर निगम ने सभी भाग लेने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र और सम्मानित किया, जो उनकी प्रेरणा का स्रोत बना।

अभियान का प्रभाव: जन-आंदोलन की शुरुआत
स्वच्छता महा-अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा। इसने समाज में जागरूकता,
जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता की भावना जगाई। स्थानीय दुकानदारों और
निवासियों ने कचरा न फेंकने और अलग-अलग करके डालने का संकल्प लिया।
उत्तर प्रदेश स्वच्छता मिशन के तहत यह कार्यक्रम भविष्य के लिए मॉडल बनेगा।
आने वाले दिनों में गोरखपुर के अन्य वार्डों और पोखरों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे।
परिणामस्वरूप, सूरजकुंड पोखरा परिसर अब चमकदार, साफ-सुथरा और
पर्यटक-अनुकूल हो गया है। यह दर्शाता है कि जब महिलाएं एकजुट होती हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।
निष्कर्ष निशा किन्नर के नेतृत्व में सूरजकुंड पोखरा स्वच्छता महा-अभियान ने गोरखपुर को स्वच्छ और
हरा-भरा बनाने की दिशा में मजबूत संदेश दिया। नारी शक्ति का यह संकल्प शहर के हर कोने तक पहुंचेगा।
आइए, हम सब मिलकर योगदान दें – कचरा न फैलाएं, अलग करें और रिसाइकल करें।
स्वच्छ गोरखपुर का सपना अब हकीकत बनने की ओर बढ़ रहा है। जय हिंद, जय स्वच्छ भारत!
