आतंकी संगठन से जुड़े
संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता
उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है यूपी एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आतंकी संगठन से जुड़े संदिग्ध रिजवान को गिरफ्तार किया है
सूत्रों के अनुसार लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी पुख्ता इनपुट मिलने के बाद पडरौना कोतवाली क्षेत्र में घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया गया
पहले भी आतंकी मामलों में रहा शामिल
जांच में सामने आया है कि रिजवान कोई नया नाम नहीं है उसका आतंकी गतिविधियों से जुड़ाव काफी पुराना रहा है
बताया जा रहा है कि वर्ष 2015 में उसे पहली बार आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था इसके बाद वह 2017 से 2023 तक एक विस्फोट मामले में करीब छह साल जेल में रहा
जेल से रिहा होने के बाद भी वह फिर से सक्रिय हो गया था जिससे सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी उस पर बनी हुई थी
आईएसआईएस से जुड़े होने के संकेत
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि रिजवान का संबंध आतंकी संगठन आईएसआईएस से हो सकता है हालांकि एजेंसियां इस कड़ी की गहराई से जांच कर रही हैं
डिजिटल और नेटवर्क कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि
वह किन लोगों के संपर्क में था और किस स्तर पर सक्रिय था
ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया गया
गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दिल्ली पुलिस की
स्पेशल सेल संदिग्ध को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ दिल्ली ले गई है
वहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी और उसके नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी
एजेंसियां खंगाल रहीं पूरा नेटवर्क
सुरक्षा एजेंसियां अब रिजवान के संपर्कों और गतिविधियों की पूरी जांच कर रही हैं
यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा था
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि
उसने हाल के दिनों में कोई नई साजिश तो नहीं रची थी
रिजवान की गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है
यह कार्रवाई संभावित खतरे को समय रहते टालने की दिशा में बड़ा कदम है
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा करना है
ताकि भविष्य में किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि को रोका जा सके
