गोरखपुर में यूरिया की उपलब्धता पर्याप्त
गोरखपुर जिले में किसानों के लिए अच्छी खबर है। यूरिया खाद की उपलब्धता पर्याप्त है और कोई संकट नहीं है। 19 दिसंबर 2025 को प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में यूरिया का स्टॉक भरपूर है। लेकिन कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और एफआईआर दर्ज की जाएगी। रबी फसल की बुआई के समय यूरिया की मांग बढ़ी है, लेकिन प्रशासन ने पहले से तैयारी कर ली है। डीलरों और गोदामों पर नजर रखी जा रही है। किसान बिना परेशानी के खाद ले सकते हैं। यह फैसला किसानों की शिकायतों के बाद लिया गया, जहां कुछ जगहों पर कालाबाजारी की बात सामने आई थी। जिला कृषि अधिकारी ने सभी डीलरों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित दर पर ही खाद बेचें। यह कदम किसानों को राहत देगा और फसल उत्पादन बढ़ाएगा।
यूरिया की उपलब्धता: स्टॉक भरपूर, कोई संकट नहीं
जिले में यूरिया का स्टॉक पर्याप्त है। मुख्य जानकारी:
- हजारों टन यूरिया गोदामों में।
- सहकारी समितियों और डीलरों पर उपलब्ध।
- रबी फसल के लिए पूरी व्यवस्था।
- केंद्र और राज्य सरकार से सप्लाई।
- कोई कमी की शिकायत नहीं।
प्रशासन ने कहा, “किसान बेफिक्र होकर खाद लें।”
कालाबाजारी पर सख्ती: एफआईआर का आदेश
कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश:
- ज्यादा दर पर बिक्री पर एफआईआर।
- स्टॉक छिपाने पर कार्रवाई।
- डीलरों की दुकानों पर छापे।
- हेल्पलाइन नंबर जारी।
- टीमों ने निगरानी शुरू की।
यह कार्रवाई कालाबाजारियों को सबक सिखाएगी।
कारण: रबी फसल की मांग और सतर्कता
यह स्थिति क्यों बनी:
- रबी बुआई का समय।
- यूरिया की ज्यादा मांग।
- कुछ जगहों पर अफवाहें।
- कालाबाजारी की शिकायतें।
- प्रशासन की पहले से तैयारी।
अधिकारी ने कहा, “संकट की अफवाहें गलत हैं।”
किसानों को राहत: आसानी से मिलेगा यूरिया
किसानों के लिए अच्छी खबर:
- निर्धारित दर पर खाद।
- सहकारी समितियों पर प्राथमिकता।
- आधार कार्ड से खरीद।
- स्टॉक चेक करने की सुविधा।
- कोई कतार नहीं।
किसान कहते हैं, “राहत मिली, फसल अच्छी होगी।”