11 साल से MBBS कर रहा छात्र
गोरखपुर: बाबा राघव दास (BRD) मेडिकल कॉलेज में एक अनोखा और चर्चित मामला सामने आया है। एक छात्र पिछले 11 साल से MBBS कोर्स कर रहा है, लेकिन सामान्यतः 5.5 साल में पूरा होने वाला कोर्स वह अब तक खत्म नहीं कर पाया। 20 दिन पहले अचानक छात्र ने हॉस्टल छोड़ दिया और कॉलेज आने बंद कर दिए। इस मामले में अब कॉलेज प्रशासन ने अंतिम निर्णय टाल दिया है और छात्र-पिता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का समय दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
छात्र 2014 बैच का है और अब तक कई विषयों में बैकलॉग जमा हो चुके हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (अब NMC) के नियमों के अनुसार, MBBS कोर्स की अधिकतम अवधि 9-10 साल है, जिसके बाद छात्र को कोर्स छोड़ना पड़ता है। इस छात्र का मामला पहले से ही असाधारण था, क्योंकि उसे कई बार अतिरिक्त मौके दिए गए थे।
20 दिन पहले छात्र ने अचानक हॉस्टल खाली कर दिया और घर चला गया। कॉलेज प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने छात्र और उसके पिता को नोटिस जारी किया। छात्र के पिता ने लिखित जवाब में पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा।
प्रिंसिपल का बयान: यथास्थिति बरकरार
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रामकुमार जायसवाल ने मीडिया को बताया:
“जब तक छात्र और उसके पिता स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष नहीं रखते, तब तक किसी भी प्रकार का अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा। फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का फैसला लिया गया है। पिता द्वारा मांगा गया एक सप्ताह का समय स्वीकार कर लिया गया है।”
प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन करना जरूरी है, लेकिन मानवीय आधार पर छात्र को सुनवाई का मौका दिया जा रहा है। यदि छात्र समय पर उपस्थित नहीं होता या संतोषजनक जवाब नहीं देता, तो NMC नियमों के तहत कार्रवाई होगी, जिसमें कोर्स से नाम काटना शामिल है।
क्यों उलझ सकता है मामला?
यह मामला कई कारणों से उलझ सकता है:
- छात्र 11 साल से कोर्स कर रहा है, जो नियमों से काफी ज्यादा है।
- स्वास्थ्य और पारिवारिक कारणों का प्रमाण पत्र यदि वैध नहीं पाया गया, तो दिक्कत बढ़ेगी।
- यदि छात्र कोर्स पूरा नहीं कर पाता, तो उसका करियर दांव पर लग जाएगा।
- कॉलेज प्रशासन पर भी दबाव है कि नियमों का सख्ती से पालन हो।
कई छात्र संगठनों ने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है और मानवीय आधार पर राहत देने की अपील की है। दूसरी ओर, कुछ लोग नियमों की अनदेखी का विरोध कर रहे हैं।
MBBS कोर्स की अवधि और नियम
NMC के मौजूदा नियमों के अनुसार:
- MBBS कोर्स की सामान्य अवधि 5.5 साल (4.5 साल अकादमिक + 1 साल इंटर्नशिप)।
- अधिकतम 9 साल तक एक्सटेंशन मिल सकता है।
- उसके बाद छात्र को कोर्स छोड़ना पड़ता है।
इस छात्र को पहले कई बार मौके दिए गए थे, शायद स्वास्थ्य या अन्य कारणों से।
अब यदि अंतिम फैसला नाम काटने का होता है,
तो छात्र कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है,
जिससे मामला और लंबा खिंच सकता है।