गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पशु तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। 11 दिसंबर 2025 को DIG डॉ. एस. चन्नप्पा ने सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। लाइव हिंदुस्तान और अमर उजाला की रिपोर्ट्स के अनुसार, DIG ने गोरखपुर-कुशीनगर, गोरखपुर-महाराजगंज और गोरखपुर-बिहार बॉर्डर पर चेकिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। पशु तस्करी के कई मामले सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। DIG ने कहा, “पशु तस्करी रोकने के लिए हमारी टीम 24 घंटे अलर्ट पर रहेगी।” इस ब्लॉग में हम DIG की समीक्षा, पशु तस्करी की समस्या, पुलिस की रणनीति, गिरफ्तारियां और पशु प्रेमियों के लिए टिप्स बताएंगे।
DIG डॉ. एस. चन्नप्पा की समीक्षा: सीमावर्ती इलाकों पर फोकस
*DIG ने गोरखपुर-बिहार बॉर्डर, कुशीनगर और महाराजगंज के कई चेकपोस्ट का दौरा किया। मुख्य निर्देश:
- चेकपोस्ट पर 24 घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहें।
- रात में भी निगरानी बढ़ाई जाए।
- ट्रक, ट्रैक्टर और वाहनों की सघन चेकिंग।
- पशु तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
- स्थानीय लोगों से सूचना लेने के लिए हेल्पलाइन 112 सक्रिय रखें।
DIG ने कहा, “पशु तस्करी एक संगठित अपराध है। हम इसे जड़ से खत्म करेंगे।”
पशु तस्करी की समस्या: गोरखपुर में 100+ मामले
गोरखपुर में 2025 में 100+ पशु तस्करी के मामले दर्ज हुए हैं। मुख्य कारण:
- गोरखपुर-बिहार बॉर्डर पर तस्करों का नेटवर्क।
- रात में ट्रक और ट्रैक्टर से पशु ले जाया जाता है।
- गोरखपुर से बिहार और नेपाल की ओर पशु तस्करी।
पुलिस ने कहा, “हमने 50+ तस्करों को गिरफ्तार किया है।”
पुलिस की नई रणनीति: चेकिंग और निगरानी बढ़ाई
- 24 घंटे चेकपोस्ट।
- ड्रोन और CCTV का इस्तेमाल।
- स्थानीय लोगों से सूचना लेने के लिए हेल्पलाइन।
- पशु तस्करों के खिलाफ IPC 379 और PETA एक्ट में कार्रवाई।