कथावाचक अनिरूद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ीं
प्रसिद्ध कथावाचक अनिरूद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मथुरा की एक अदालत ने उनके खिलाफ महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में परिवाद (प्राइवेट कंप्लेंट) दर्ज कर लिया है। अमर उजाला और दैनिक जागरण की 10 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट्स के अनुसार, एक महिला ने अनिरूद्धाचार्य पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक धार्मिक सभा में महिलाओं की इज्जत पर अभद्र टिप्पणी की। कोर्ट ने 15 दिसंबर को सुनवाई के लिए तारीख दी है। यह मामला कथावाचक की छवि पर सवाल खड़ा करता है और धार्मिक आयोजनों में महिलाओं की गरिमा पर बहस छेड़ रहा है। इस ब्लॉग में हम इस परिवाद की पूरी डिटेल्स, आरोप, अनिरूद्धाचार्य का पक्ष, पुलिस जांच और समाज पर प्रभाव बताएंगे। यदि आप धार्मिक आयोजनों या कथावाचकों से जुड़े हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए जरूरी हैं।
परिवाद की पूरी कहानी: अभद्र टिप्पणी का आरोप
मथुरा की एक महिला ने 9 दिसंबर को कोर्ट में परिवाद दाखिल किया। महिला का कहना है कि अनिरूद्धाचार्य ने एक सभा में महिलाओं की पोशाक, व्यवहार और स्वतंत्रता पर टिप्पणी की, जो उनकी इज्जत के खिलाफ थी। महिला ने कहा, “उन्होंने कहा कि महिलाएं बुर्का या साड़ी पहनकर ही इज्जतदार रह सकती हैं, यह टिप्पणी अपमानजनक थी।”
कोर्ट ने परिवाद स्वीकार कर लिया और अनिरूद्धाचार्य को नोटिस जारी किया। अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी।
अनिरूद्धाचार्य का पक्ष: ‘मेरी बात को तोड़ा-मरोड़ा गया’
अनिरूद्धाचार्य के प्रवक्ता ने कहा, “कथावाचक ने महिलाओं की गरिमा और संस्कारों पर बात की थी, किसी की इज्जत पर टिप्पणी नहीं की। बात को तोड़ा-मरोड़ा गया है।” अनिरूद्धाचार्य ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने कभी किसी महिला की इज्जत पर सवाल नहीं उठाया। यह राजनीतिक साजिश है।”
पुलिस जांच: FIR दर्ज, जांच शुरू
मथुरा पुलिस ने परिवाद के आधार पर IPC की धारा 294 (अभद्र टिप्पणी), 506 (धमकी) और 509 (महिला की इज्जत को ठेस पहुंचाना) में FIR दर्ज की। पुलिस ने अनिरूद्धाचार्य के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। SP ने कहा, “सभी पक्षों की जांच की जाएगी।”
समाज पर असर: धार्मिक आयोजनों में महिलाओं की गरिमा पर बहस
यह मामला धार्मिक सभाओं में महिलाओं की इज्जत और अभद्र टिप्पणियों पर बहस छेड़ रहा है।
कई संगठनों ने कहा, “कथावाचकों को सावधानी बरतनी चाहिए।” कुछ ने अनिरूद्धाचार्य का समर्थन किया।
धार्मिक आयोजनों में सावधानियां
- महिलाओं की इज्जत पर टिप्पणी से बचें।
- आयोजकों को सभाओं में नियम बनाएं।
- अभद्र टिप्पणी मिले तो तुरंत पुलिस में शिकायत करें।
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से पहले सत्यापन करें।
- धार्मिक आयोजनों में सम्मान और शालीनता बनाए रखें।