मिलेंगी स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं
गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाली योजना शुरू हो गई है। बसंतपुर में उत्तर प्रदेश का पहला सिटी पॉलीक्लीनिक 15 दिसंबर 2025 को शुरू हो गया। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पॉलीक्लीनिक में OPD, लैब टेस्ट, फार्मेसी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना के तहत यह पॉलीक्लीनिक कम लागत में इलाज प्रदान करेगा। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
उद्घाटन समारोह में स्थानीय विधायक और अधिकारी मौजूद रहे। यह पॉलीक्लीनिक गोरखपुर को स्वास्थ्य हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इस ब्लॉग में हम बसंतपुर सिटी पॉलीक्लीनिक की पूरी डिटेल्स, सुविधाएं, लाभ, उद्घाटन और गोरखपुर पर प्रभाव बताएंगे। यदि आप गोरखपुर में रहते हैं या स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए जरूरी हैं।
बसंतपुर में पहला सिटी पॉलीक्लीनिक: उद्घाटन और शुरुआत
बसंतपुर क्षेत्र में स्थित यह पॉलीक्लीनिक यूपी का पहला सिटी पॉलीक्लीनिक है। उद्घाटन 15 दिसंबर को हुआ। मुख्य विशेषताएं:
- लोकेशन: बसंतपुर, गोरखपुर शहर के बीच में।
- क्षमता: रोजाना 500+ मरीज।
- सुविधाएं: OPD, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, फार्मेसी।
- डॉक्टर: जनरल फिजिशियन, गायनेकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन और अन्य विशेषज्ञ।
- लागत: सामान्य जांच फ्री या कम दरों पर।
- समय: सुबह 8 से शाम 8 बजे तक।
योगी सरकार ने कहा, “यह पॉलीक्लीनिक गरीबों को मुफ्त और सस्ता इलाज देगा।”
उपलब्ध सुविधाएं: कम लागत में पूरा इलाज
पॉलीक्लीनिक में मिलने वाली मुख्य सुविधाएं:
- OPD: सभी बीमारियों की जांच।
- लैब टेस्ट: ब्लड, यूरिन, शुगर आदि कम दरों पर।
- दवाएं: फार्मेसी से 50% सब्सिडी पर।
- विशेषज्ञ: हफ्ते में 3 दिन विशेष डॉक्टर।
- महिला और बच्चे: अलग सेक्शन।
यह सुविधाएं सरकारी अस्पतालों की तरह फ्री या कम लागत पर होंगी।
लाभ: गरीबों और मध्यम वर्ग को राहत
- कम लागत में इलाज – प्राइवेट अस्पतालों से 70% सस्ता।
- समय की बचत – लंबी लाइन नहीं।
- गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत।
- ग्रामीण क्षेत्रों से आने वालों को सुविधा।
- रोजाना 500+ मरीजों को लाभ।
स्थानीय लोगों ने कहा, “अब दूर नहीं जाना पड़ेगा।”
उद्घाटन समारोह: भव्य आयोजन
उद्घाटन में स्थानीय विधायक, DM और स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे। फीता काटकर और दीप जलाकर शुरुआत की गई। पहला मरीज एक गरीब परिवार का था, जिसका इलाज फ्री किया गया