हिमाचल प्रदेश में
शुक्रवार (24 जनवरी 2026) को हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की भारी बर्फबारी ने एक बार फिर कहर बरपाया। कई पर्यटन स्थलों में इस साल का पहला हिमपात दर्ज किया गया, जिससे खूबसूरत नजारे तो बने, लेकिन साथ ही जनजीवन प्रभावित हुआ। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अनुसार, बर्फबारी के कारण 5 राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 563 सड़कें बंद हो गई हैं। कई गांव और कस्बे पूरी तरह कट गए हैं, जबकि सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। शिमला, मनाली, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, चंबा और किन्नौर जिलों में सबसे ज्यादा प्रभाव देखा जा रहा है।
बर्फबारी का प्रभाव और बंद सड़कें
मौसम विभाग के अनुसार, 20,000 फीट से ऊपर के इलाकों में 2-4 फीट तक बर्फ जमा हो गई है। प्रमुख बंद सड़कें इस प्रकार हैं:
- NH-3 (मनाली-लेह): रोहतांग पास और बारालाचा ला पर भारी बर्फ।
- NH-5 (शिमला-किन्नौर): नारकंडा और हाटू पीक पर ब्लॉकेज।
- NH-154 (धर्मशाला-चंबा): कई जगहों पर लैंडस्लाइड के साथ बर्फ।
- NH-505 (काजा-ग्रामफू): लाहौल-स्पीति में मुख्य मार्ग बंद।
- NH-305 (शिमला-रामपुर-रूपी): कई सेक्शन ब्लॉक।
कुल 563 सड़कें (मुख्य जिला सड़कें और ग्रामीण मार्ग) बंद हैं, जिनमें से 400+ ग्रामीण सड़कें हैं। इससे 500+ गांवों का संपर्क कटा हुआ है। शिमला-कालका रेलवे लाइन पर भी कई जगह बर्फ जमा होने से ट्रेनें प्रभावित हैं।
ब्लैकआउट और जनजीवन पर असर
बर्फबारी और तेज हवाओं से बिजली के तार टूटने और ट्रांसफॉर्मर खराब होने से 400+ गांवों में बिजली गुल है। शिमला शहर के कई इलाकों, कुल्लू घाटी, मनाली और लाहौल के गांवों में 24 घंटे से अधिक समय से अंधेरा छाया हुआ है। लोग मोमबत्ती और जनरेटर के सहारे जीवन गुजार रहे हैं। पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है क्योंकि कई पंपिंग स्टेशन बंद हैं।
प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं:
- NDRF और SDRF की टीमें तैनात।
- हेलीकॉप्टर से दवाइयां और राशन पहुंचाने की तैयारी।
- पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई की टीमें सड़क खोलने में जुटीं।
पर्यटन स्थलों पर पहला स्नोफॉल
मनाली के रोहतांग और सोलंग वैली, शिमला के खरापथर और चायल, कल्पा (किन्नौर), काजा (स्पीति) में सीजन का पहला हिमपात हुआ। पर्यटक बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं, लेकिन कई होटल और रिसॉर्ट बिजली और सड़क बंद होने से प्रभावित हैं। पर्यटन विभाग ने पर्यटकों से सतर्क रहने और केवल जरूरी यात्रा करने की अपील की है।
मौसम विभाग का अलर्ट
IMD ने 25-27 जनवरी तक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों में
बारिश और ओलावृष्टि की संभावना। तापमान में 5-8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
हिमाचल की बर्फबारी जहां प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ाती है, वहीं जनजीवन के लिए चुनौती भी बन जाती है।
प्रशासन को सड़कें जल्द खोलने, बिजली बहाल करने और
राहत पहुंचाने में तेजी लानी होगी। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
हिमाचल की यह खूबसूरत बर्फ कई दिनों तक बनी रहेगी
