खान सर का प्रेरक भाषण ✦दोस्तों, आज हम सभी एक ऐसे शख्सियत के बारे में बात करेंगे, जिनका नाम सुनते ही युवा वर्ग के चेहरे पर मुस्कान और दिल में आत्मविश्वास पैदा हो जाता है। यह नाम है खान सर पटना। शिक्षा जगत में उनका योगदान इतना विशाल है कि उन्हें सिर्फ एक शिक्षक कहना उनकी मेहनत के साथ न्याय नहीं होगा। वे एक प्रेरक, मार्गदर्शक और समाज को नई दिशा देने वाले युगपुरुष हैं।खान सर हमेशा कहते हैं कि जीवन में सफलता पाने के लिए सबसे पहले सपनों को जगाना जरूरी है। अगर सपनों को पंख मिल जाएँ तो मंज़िल खुद-ब-खुद पास आ जाती है। वे अपने विद्यार्थियों से कहते हैं कि किताबों में छिपे अक्षर सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि भविष्य की कुंजी हैं। हर एक अक्षर, हर एक पंक्ति, हर एक विषय जीवन बदलने की ताकत रखता है।(1) दोस्तों, मेहनत ही सफलता की असली पहचान है।(2) बिना मेहनत के कभी कोई बड़ा मुकाम हासिल नहीं किया जा सकता।(3) खान सर कहते हैं कि किताबें हमारी सच्ची दोस्त हैं।(4) समय सबसे बड़ी पूंजी है।(5) जो समय की कद्र करता है, वही जीवन में आगे बढ़ता है।(6) असफलता कभी अंत नहीं होती, यह तो सफलता की सीढ़ी होती है।(7) हर गिरावट हमें और मज़बूत बनाती है।(8) अगर ठोकरें नहीं मिलेंगी तो संभलना कौन सिखाएगा।(9) जीवन में संघर्ष ही इंसान को महान बनाता है।(10) मुश्किलें जितनी बड़ी होंगी, जीत भी उतनी ही शानदार होगी।खान सर का भाषण हमेशा इसी अंदाज़ में चलता है। वे बड़े सरल शब्दों में युवाओं को यह समझाते हैं कि कठिनाई चाहे कितनी भी आए, हार नहीं माननी चाहिए। उनकी आवाज़ में जो दमखम है, वह छात्रों के अंदर ऊर्जा भर देता है।(11) कभी खुद को कमजोर मत समझो।(12) इंसान वही है जो हालातों को बदलने का जज्बा रखे।(13) शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है।(14) यह हथियार न तो किसी से छिना जा सकता है और न ही चुराया जा सकता है।(15) अगर आप पढ़ाई को बोझ समझते हो तो यह कभी आसान नहीं लगेगी।(16) पढ़ाई को दोस्त बना लो, मंज़िल खुद पास आएगी।(17) सोच ऊँची रखो, तभी बड़ा मुकाम मिलेगा।(18) मेहनत में कभी कमी मत छोड़ो।(19) सफलता उन्हीं को मिलती है जो हार नहीं मानते।(20) सपनों को हकीकत में बदलने के लिए दृढ़ निश्चय जरूरी है।ऐसे ही लगातार खान सर अपने छात्रों प्रेरित करते हैं। उनका हर एक वाक्य दिल को छू लेता है।