विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मैपिंग से छूटे हजारों मतदाताओं की नींद उड़ गई है। मताधिकार साबित करने के लिए दस्तावेज के भंवर में फंस गए हैं। जन्म, जाति, निवास प्रमाण पत्र से लेकर परिवार रजिस्टर की नकल के लिए कलेक्ट्रेट, तहसील और ब्लॉक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
यह समस्या उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और अन्य राज्यों में SIR के दौरान बहुत आम हो गई है। कई मतदाताओं को नोटिस मिला है कि उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि घबराने की जरूरत नहीं – सही दस्तावेज और समय पर आवेदन से वोट बचाया जा सकता है।
मैपिंग में नाम छूटने पर क्या करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
- नोटिस की जांच करें: सबसे पहले नोटिस में दिए गए कारण और अंतिम तिथि देखें। आमतौर पर 15-30 दिनों का समय दिया जाता है।
- फॉर्म भरें: Form 6 (नया नाम जुड़वाने के लिए) या Form 7 (आपत्ति दर्ज करने के लिए) भरें। ऑनलाइन nvsp.in या booth level officer (BLO) से ऑफलाइन कर सकते हैं।
- दस्तावेज जमा करें: चुनाव आयोग ने 13 प्रकार के दस्तावेजों को मान्य किया है। इनमें से केवल एक भी पर्याप्त है। मुख्य दस्तावेज:
- जन्म प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड, बिजली बिल, पानी बिल, आधार कार्ड, वोटर आईडी)
- परिवार रजिस्टर की नकल
- पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक, EPIC (पुरानी वोटर आईडी)
- स्कूल/कॉलेज आईडी, PAN कार्ड, सेवा प्रमाण पत्र आदि
- BLO से संपर्क: अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से मिलें। वे फॉर्म भरने और दस्तावेज जमा करने में मदद करते हैं।
- ऑनलाइन ट्रैकिंग: nvsp.in पर आवेदन नंबर से स्टेटस चेक करें।
नोटिस से घबराएं नहीं – ये हैं मुख्य बातें
- नोटिस मिलना मतलब नाम हटना तय नहीं है। यह सिर्फ सत्यापन का नोटिस है।
- समय पर दस्तावेज जमा करने पर 90% मामलों में नाम बहाल हो जाता है।
- अगर दस्तावेज नहीं हैं तो BLO से हेल्प लें – कई जगहों पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
- आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली बिल जैसे आसानी से उपलब्ध दस्तावेज भी मान्य हैं।
अपना वोट बचाएं – समय पर एक्शन लें
SIR मैपिंग में नाम छूटना आम समस्या है,
लेकिन घबराहट की कोई जरूरत नहीं। 13 में से एक दस्तावेज देने पर
आपका वोट सुरक्षित रह सकता है। BLO, ERO ऑफिस या nvsp.in पर जाकर तुरंत आवेदन करें।
लोकतंत्र में आपका वोट आपकी ताकत है – इसे बचाने का समय अभी है!
मतदाता सूची में नाम सुरक्षित रखें – लोकतंत्र मजबूत करें!