गोरखपुर, 12 जनवरी 2026 – लोकतंत्र की मजबूती की नींव मतदाता सूची की शुद्धता पर टिकी होती है। इसी उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश में तेजी से काम चल रहा है। इसी क्रम में आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोरखपुर जिले के सभी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के साथ विशेष प्रगति समीक्षा बैठक की और सख्त निर्देश जारी किए।
SIR क्या है और यह क्यों इतना महत्वपूर्ण?
संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने का एक विशेष अभियान है। सामान्य पुनरीक्षण से अलग, SIR में घर-घर जाकर सत्यापन, नए मतदाताओं का नाम जुड़वाना, मृतक/स्थानांतरित/दोहरे नाम हटाना और गलत/फर्जी प्रविष्टियां दूर करना शामिल है।
यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- फर्जी मतदाता लोकतंत्र को कमजोर करते हैं
- डुप्लिकेट नाम से वोट बैंक की गड़बड़ी होती है
- मृत व्यक्तियों के नाम बने रहने से चुनावी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं
- युवा मतदाताओं को समय पर जोड़ना लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाता है
चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि 2027 के विधानसभा और आने वाले सभी चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची 100% शुद्ध हो। इसी मकसद से SIR को पूरे राज्य में लागू किया गया है।
गोरखपुर में SIR की प्रगति और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सख्त निर्देश
आज की समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गोरखपुर के डीएम, एसपी, जिला निर्वाचन अधिकारी और सभी BLO से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि:
- 31 जनवरी 2026 तक प्रत्येक BLO अपने बूथ में कम से कम 95% घरों का सत्यापन पूरा कर लें
- नए 18+ आयु के सभी युवाओं को फॉर्म-6 के जरिए जोड़ा जाए
- मृतक मतदाताओं की सूची में कम से कम 90% नाम हटाए जाएं
- डुप्लिकेट और संदिग्ध प्रविष्टियों पर विशेष ध्यान दिया जाए
- BLO यदि समय पर काम नहीं करते तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी
उन्होंने BLO को चेतावनी दी कि कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने सराहना भी की कि गोरखपुर में अब तक करीब 68% सत्यापन पूरा हो चुका है, जो प्रदेश के औसत से बेहतर है।

BLO की भूमिका और चुनौतियां
बूथ लेवल ऑफिसर ही SIR की रीढ़ हैं। वे ही घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं, दस्तावेज जांचते हैं और रिपोर्ट तैयार करते हैं। गोरखपुर जैसे घनी आबादी वाले जिले में BLO के सामने कई चुनौतियां हैं – ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच, लोगों का सहयोग न मिलना, दस्तावेजों की कमी आदि। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इन चुनौतियों को दूर करने के लिए अतिरिक्त संसाधन और सहायता देने का आश्वासन दिया।
जनता से अपील
चुनाव आयोग और प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने बूथ लेवल ऑफिसर से सक्रिय सहयोग करें।
यदि किसी का नाम गलत तरीके से सूची में जुड़ा है या हटना चाहिए, तो तुरंत BLO को सूचित करें।
नए मतदाता 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवा तुरंत नाम जुड़वाएं।
निष्कर्ष
SIR केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि स्वच्छ, निष्पक्ष और मजबूत लोकतंत्र की गारंटी है।
गोरखपुर में चल रही यह मुहिम पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन सकती है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सख्त रुख और BLO की मेहनत से उम्मीद है कि जल्द ही
उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची देश की सबसे शुद्ध और विश्वसनीय सूचियों में शामिल होगी।