नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े केस में 6 शहरों में एक साथ छापेमारी की है। 11 दिसंबर 2025 को लखनऊ, वाराणसी, सहारनपुर, जौनपुर, रांची और अहमदाबाद में 12 ठिकानों पर रेड हुई। अमर उजाला और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट्स के अनुसार, ED ने कई वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और कैश जब्त किए हैं। यह कार्रवाई एक हवाला नेटवर्क से जुड़ी है, जिसमें राजनीतिक और व्यावसायिक लोगों के नाम शामिल हैं। ED ने कहा कि यह नेटवर्क विदेशी फंडिंग और अवैध लेन-देन में शामिल था। इस ब्लॉग में हम इस छापेमारी की पूरी डिटेल्स, जब्त सामान, जांच की स्थिति और प्रभाव बताएंगे। यदि आप यूपी या इन शहरों से जुड़े हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए जरूरी हैं।
छापेमारी की पूरी डिटेल्स: 6 शहरों में 12 ठिकाने
ED की टीम ने सुबह 6 बजे से छापेमारी शुरू की। मुख्य ठिकाने:
- लखनऊ: 4 ठिकाने – व्यावसायिक और राजनीतिक लोगों के घर।
- वाराणसी: 3 ठिकाने – हवाला ऑपरेटरों के ऑफिस।
- सहारनपुर: 2 ठिकाने – फर्जी कंपनी के मालिक।
- जौनपुर: 1 ठिकाना – अवैध फंडिंग का केंद्र।
- रांची: 1 ठिकाना – बिहार से जुड़ा लिंक।
- अहमदाबाद: 1 ठिकाना – विदेशी ट्रांसफर का हब।
टीम ने 50+ अधिकारियों की मदद से रेड की।
जब्त सामान: वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस
ED ने बरामद किया:
- 50 लाख रुपये कैश।
- 20+ लैपटॉप, मोबाइल और पेन ड्राइव।
- फर्जी बैंक स्टेटमेंट, पासबुक और चेकबुक।
- विदेशी मुद्रा और सोने की ज्वेलरी।
ED ने कहा, “यह नेटवर्क 100 करोड़ से ज्यादा की हवाला में शामिल था।”
जांच की स्थिति: मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा केस
यह केस PMLA के तहत दर्ज है। ED ने कहा, “आरोपी राजनीतिक फंडिंग और अवैध व्यापार में शामिल थे।” मुख्य आरोपी एक व्यावसायिक व्यक्ति है,