चांदी की कीमत ने रचा नया इतिहास
चांदी की कीमतों ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। 18 दिसंबर 2025 को चांदी ₹1,609 की बढ़ोतरी के साथ ₹2.01 लाख प्रति किलो के ऑलटाइम हाई स्तर पर पहुंच गई। यह इस साल की सबसे बड़ी उछाल है, जहां कुल बढ़ोतरी ₹1.15 लाख प्रति किलो हो चुकी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस महीने चांदी ₹2.10 लाख तक जा सकती है। ग्लोबल फैक्टर्स जैसे इंडस्ट्रियल डिमांड, गोल्ड की कीमतें, डॉलर की कमजोरी और जियोपॉलिटिकल टेंशन चांदी की इस रैली के पीछे मुख्य कारण हैं। भारत में चांदी का इस्तेमाल ज्वेलरी, इंडस्ट्री और निवेश में होता है, जिससे कीमतों का असर सीधा आम आदमी पर पड़ता है। यह रैली निवेशकों के लिए फायदेमंद है, लेकिन ज्वेलरी खरीदारों के लिए महंगाई का बोझ।
रिकॉर्ड हाई: ₹2.01 लाख प्रति किलो
चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया है। मुख्य अपडेट:
- दैनिक बढ़ोतरी: ₹1,609 प्रति किलो।
- वर्तमान कीमत: ₹2.01 लाख प्रति किलो।
- ऑलटाइम हाई: पहली बार 2 लाख पार।
- इस साल बढ़ोतरी: ₹1.15 लाख प्रति किलो।
- महीने का अनुमान: ₹2.10 लाख तक।
यह उछाल ग्लोबल मार्केट में भी दिख रहा है।
बढ़ोतरी के मुख्य कारण: ग्लोबल और लोकल फैक्टर्स
चांदी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं:
- इंडस्ट्रियल डिमांड: सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में चांदी का इस्तेमाल।
- गोल्ड की रैली: गोल्ड महंगा होने से चांदी में निवेश।
- डॉलर कमजोर: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स गिरावट।
- जियोपॉलिटिकल टेंशन: सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी।
- भारत में त्योहार: दिसंबर-जनवरी में डिमांड बढ़ी।
विशेषज्ञ कहते हैं कि सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा है।
इस महीने का अनुमान: ₹2.10 लाख तक संभव
विशेषज्ञों का पूर्वानुमान:
- दिसंबर अंत तक ₹2.10 लाख।
- 2026 में और बढ़ोतरी।
- ग्लोबल फैक्टर्स पर निर्भर।
- इंडिया में MCX पर ट्रेडिंग हाई।
- निवेशकों के लिए अच्छा समय।
यह रैली लंबी चल सकती है।
निवेशकों के लिए टिप्स: क्या करें
चांदी में निवेश के लिए:
- फिजिकल चांदी: बार या कॉइन।
- ETF या म्यूचुअल फंड।
- फ्यूचर्स ट्रेडिंग।
- लंबे समय के लिए होल्ड।
- कीमत गिरावट पर खरीदें।
- रिस्क मैनेज करें।
निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।
बाजार पर प्रभाव: ज्वेलरी और इंडस्ट्री
यह बढ़ोतरी का असर:
- ज्वेलरी महंगी।
- इंडस्ट्री में लागत बढ़ी।
- निर्यात प्रभावित।
- निवेशकों को फायदा।
- आम आदमी पर बोझ।