सिद्धार्थनगर महोत्सव में
सिद्धार्थनगर जिले में आयोजित भव्य महोत्सव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास, मानव सेवा और मानवता के उच्च मूल्यों पर गहन संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। कार्यक्रम में मौजूद हजारों लोगों को संबोधित करते हुए CM योगी ने भगवान बुद्ध के जीवन और उनके संदेश को आज के युग में प्रासंगिक बताते हुए समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। यह महोत्सव सिद्धार्थनगर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को समर्पित था, जहां बौद्ध तीर्थों की याद ताजा की गई।
अजित पवार के निधन पर CM योगी का शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अजित पवार एक समर्पित राजनेता थे, जिन्होंने विकास और जनकल्याण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। CM योगी ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा, “ईश्वर की कृति मनुष्य सबसे ऊपर है। ऐसे व्यक्तित्व का जाना समाज के लिए बड़ी क्षति है। हम सभी उनके योगदान को याद रखेंगे।”
यह शोक संवेदना राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर मानवीय संवेदना का प्रतीक बनी।
मानवता और विकास पर योगी का संदेश
CM योगी ने अपने संबोधन में मानवता को सर्वोच्च स्थान दिया। उन्होंने कहा:
“मनुष्य ईश्वर की सर्वोत्तम कृति है। मानवीय गरिमा, सुरक्षा, समानता और सेवा का भाव ही समाज को आगे बढ़ाता है। विकास तभी सार्थक है जब वह हर व्यक्ति तक पहुंचे और किसी को पीछे न छोड़े।”
उन्होंने उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों में हुए विकास कार्यों का जिक्र किया – गरीबों के लिए आवास, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, और बुनियादी ढांचे का विस्तार। योगी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन मिले।
भगवान बुद्ध के जीवन से प्रेरणा
सिद्धार्थनाथ महोत्सव के मंच से CM योगी ने भगवान बुद्ध के जीवन प्रसंगों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बुद्ध ने कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर) में जन्म लिया, गया में ज्ञान प्राप्त किया, सारनाथ में पहला उपदेश दिया और श्रावस्ती में अधिकांश समय बिताया। ये चार स्थल आज भी बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
योगी ने कहा, “भगवान बुद्ध का संदेश – करुणा, अहिंसा, समानता और ध्यान – आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक है। आज के युग में जहां तनाव, हिंसा और
असमानता बढ़ रही है, वहीं बुद्ध का मार्ग हमें शांति और सद्भाव की ओर ले जाता है।”
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बौद्ध दर्शन को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।
महोत्सव का महत्व और सिद्धार्थनगर का विकास
सिद्धार्थनगर महोत्सव न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि बौद्ध विरासत को संरक्षित करने और
पर्यटन बढ़ाने का माध्यम भी है। CM योगी ने घोषणा की कि सिद्धार्थनगर को
बौद्ध सर्किट का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। कपिलवस्तु के पुरातात्विक स्थलों का विकास,
बेहतर सड़कें, होटल और पर्यटक सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
सिद्धार्थनगर महोत्सव में CM योगी आदित्यनाथ का संबोधन विकास और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम था।
अजित पवार के निधन पर शोक, मानवता का संदेश और
भगवान बुद्ध के जीवन से प्रेरणा – इन तीनों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
यह संदेश न केवल सिद्धार्थनगर, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और
देश के लिए प्रासंगिक है। योगी सरकार का विजन साफ है –
आर्थिक विकास के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को मजबूत करना। उम्मीद है