बीएससी छात्र शाकिब
बरेली क्रिकेट मौत की दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। ईद-उल-फितर 2026 की छुट्टियों में घर लौटे 22 वर्षीय बीएससी छात्र शाकिब की क्रिकेट खेलते समय अचानक मौत हो गई। हाफिजगंज क्षेत्र के हरहरपुर मटकली गांव में शुक्रवार दोपहर यह दर्दनाक हादसा हुआ। परिजन और दोस्तों का कहना है कि शाकिब को कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) आया, जिससे मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं। अस्पताल पहुंचते-पहुंचते डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना का पूरा विवरण: क्रिकेट मैदान पर अचानक गिरा शाकिब
शाकिब पुत्र रहीस अहमद, निवासी हरहरपुर मटकली, दिल्ली में रहकर बीएससी की पढ़ाई कर रहा था। वह चिकित्सक बनने का सपना देखता था और पढ़ाई में बेहद होशियार था। ईद मनाने के लिए वह सात दिन पहले घर आया था। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे वह अपने दोस्तों के साथ गांव के ईदगाह के पास खुले मैदान में क्रिकेट खेल रहा था। खेल के दौरान अचानक वह जमीन पर गिर पड़ा। उसकी सांस फूलने लगी और कुछ ही पलों में वह बेहोश हो गया।
दोस्तों ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन प्रारंभिक आशंका कार्डियक अरेस्ट की है। युवा उम्र में ऐसी मौत ने पूरे इलाके में सदमा पैदा कर दिया है।
परिवार और दोस्तों का शोक: चार भाइयों में तीसरा था शाकिब
शाकिब चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। परिवार का सबसे होनहार सदस्य माना जाता था। पिता रहीस अहमद और अन्य परिजन रो-रोकर बुरा हाल हो गए। गांव भर के लोग उनके घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। दोस्तों ने बताया कि शाकिब बहुत मिलनसार और जिंदादिल था। क्रिकेट उसका शौक था और वह हमेशा टीम में सक्रिय रहता था। ईद की खुशियां मनाने आया था, लेकिन मौत ने सब कुछ छीन लिया।
परिजनों का कहना है कि शाकिब को पहले कभी कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई। डॉक्टरों का कहना है कि युवाओं में बढ़ते तनाव, अनियमित जीवनशैली और छिपी हृदय समस्याएं ऐसी घटनाओं का कारण बन रही हैं।
युवाओं में कार्डियक अरेस्ट का खतरा: क्या हैं कारण?
आजकल 20-25 साल के युवाओं में कार्डियक अरेस्ट के मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मुख्य कारण हैं:
- ज्यादा तनाव और पढ़ाई का दबाव
- अनियमित नींद और खान-पान
- धूम्रपान, शराब या एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन
- व्यायाम की कमी या अचानक ज्यादा शारीरिक मेहनत
शाकिब की मौत इस बात की याद दिलाती है कि युवाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। परिवार ने
प्रशासन से अपील की है कि गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बरेली में मातम का माहौल
ईद की छुट्टियों में यह घटना पूरे बरेली में चर्चा का विषय बन गई है।
सोशल मीडिया पर लोग शाकिब के लिए दुआएं मांग रहे हैं और
परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं। यह घटना हमें याद दिलाती है कि जीवन कितना अनिश्चित है।
शाकिब जैसे होनहार छात्र की मौत न सिर्फ परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए बड़ा नुकसान है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
