शेयर मार्केट क्रैश: IT शेयरों में बिकवाली से बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 559 अंक टूटा; निवेशकों के ₹2.5 लाख करोड़ डूबे
*शेयर बाजार में भारी गिरावट: IT सेक्टर की बिकवाली ने मचाई तबाही। शेयर बाजार क्रैश आज फिर सुर्खियों में छा गया है, जहां IT शेयरों में जबरदस्त बिकवाली के कारण सेंसेक्स 559 अंक टूट गया। मुंबई स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार के दौरान निफ्टी भी 170 अंकों की गिरावट के साथ 24,000 के नीचे फिसल गया। निवेशकों के हाथों ₹2.5 लाख करोड़ का नुकसान हो गया, जो बाजार की अस्थिरता को दर्शाता है। वैश्विक संकेतों के साथ-साथ घरेलू आर्थिक चिंताओं ने IT कंपनियों के शेयरों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। TCS, Infosys, Wipro और HCL Tech जैसे दिग्गजों के शेयरों में 3-5% की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी ब्याज दरों में वृद्धि और AI बूम के बाद ठंडक ने IT सेक्टर को निशाना बनाया है।
यह गिरावट न केवल खुदरा निवेशकों बल्कि FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशकों) के लिए भी झटका है, जिन्होंने पिछले कुछ दिनों में भारी बिकवाली की। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सेंसेक्स का यह स्तर 2024 के निचले स्तरों के करीब पहुंच गया है, जो निवेशकों में डर का माहौल पैदा कर रहा है।
IT शेयरों में क्यों आई भारी बिकवाली? प्रमुख कारणों का विश्लेषण
IT शेयरों में बिकवाली के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं। सबसे पहले, अमेरिकी फेड रिजर्व की ब्याज दर नीति ने ग्लोबल टेक सेक्टर को प्रभावित किया है। फेड की मीटिंग से पहले निवेशक सतर्क हो गए, जिससे TCS जैसे शेयरों में 4.2% की गिरावट आई। दूसरा, भारत में कॉर्पोरेट आय के निराशाजनक नतीजे सामने आए, जहां IT फर्म्स ने FY25 के लिए कमजोर गाइडेंस दिया। Infosys का Q3 रेवेन्यू अनुमान से नीचे रहा, जबकि Wipro ने क्लाइंट स्पेंडिंग में कमी की बात कही। तीसरा, रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ, जो एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड IT कंपनियों के लिए नुकसानदेह साबित हुआ। इसके अलावा, ग्लोबल टेक लेय ऑफ्स और AI इन्वेस्टमेंट में धीमापन ने निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया। निफ्टी IT इंडेक्स 2.8% लुढ़का, जो पिछले 6 महीनों का सबसे निचला स्तर है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि लॉन्ग-टर्म निवेशक होल्ड करें, लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स सावधानी बरतें।
सेंसेक्स-निफ्टी में कुल नुकसान: ₹2.5 लाख करोड़ का झटका, सेक्टर-वार ब्रेकडाउन
सेंसेक्स में 559 अंकों की गिरावट के साथ कुल मार्केट कैप ₹2.5 लाख करोड़ घट गया। IT सेक्टर ने सबसे ज्यादा योगदान दिया, जहां ₹1.2 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। बैंकिंग शेयरों में भी 1.5% की गिरावट आई, HDFC Bank और ICICI Bank लुढ़के। ऑटो और फार्मा सेक्टर में मामूली राहत मिली, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 2% नीचे रहे। BSE पर कुल 3,000 से ज्यादा शेयर लाल निशान पर बंद हुए। FIIs ने ₹8,000 करोड़ की बिकवाली की, जबकि DIIs ने खरीदारी कर समर्थन दिया। यह क्रैश 2025 के जनवरी महीने के
बाद सबसे बड़ा है, जब ग्लोबल इलेक्शन चिंताओं ने बाजार हिलाया था। निवेशकों को सलाह है कि
SIP और म्यूचुअल फंड्स में निवेश जारी रखें, लेकिन स्टॉक पिकिंग में सतर्क रहें।
बाजार रिकवरी की उम्मीदें: क्या कल सुधार होगा?
शेयर मार्केट क्रैश के बाद रिकवरी की उम्मीदें बंधी हैं। अमेरिकी बाजारों में हल्की तेजी और
फेड की सॉफ्ट टोन से सपोर्ट मिल सकता है। घरेलू स्तर पर
RBI की नीति और बजट घोषणाएं बाजार को सहारा देंगी।
तकनीकी विश्लेषण में सेंसेक्स 81,000 के सपोर्ट लेवल पर है, जहां से बाउंसबैक संभव।
IT शेयरों में डिप बाइंग का मौका है, खासकर TCS और Infosys में। निवेशक VIX इंडेक्स पर नजर रखें,
जो 18 के ऊपर पहुंच गया है। लॉन्ग-टर्म में भारत की 7% GDP ग्रोथ बाजार को मजबूत करेगी।
निवेशकों के लिए टिप्स: क्रैश में कैसे बचें और कमाएं
शेयर बाजार क्रैश में घबराएं नहीं। डाइवर्सिफिकेशन अपनाएं, 60% इक्विटी-40% डेब्ट रखें। स्टॉप-लॉस सेट करें और
रिसर्च-बेस्ड निवेश करें। म्यूचुअल फंड्स जैसे HDFC Sensex Plan चुनें। टैक्स सेविंग के लिए
ELSS पर फोकस। विशेषज्ञ कहते हैं, ‘बाय द डिप’ स्ट्रैटजी काम करेगी। बाजार की
यह अस्थिरता लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अवसर भी लाती है। सतर्क रहें और सूचित निर्णय लें।